“विश्व हिंदी दिवस:- 10 जनवरी, 2026
हिंदी का गौरव: 10 जनवरी 2026 पंचांग और हिंदी भाषा का वैश्विक सफर
🚩 विश्व हिंदी दिवस 2026
जन-जन की भाषा, भारत की आशा
1. विश्व हिंदी दिवस: एक वैश्विक गौरव यात्रा
हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, संस्कारों और अपनत्व की संवाहिका है। 10 जनवरी का दिन दुनिया भर में बिखरे हुए उन करोड़ों हिंदी प्रेमियों को एक सूत्र में पिरोने का अवसर है, जो अपनी मातृभूमि से दूर रहकर भी अपनी भाषा की सुगंध को जीवित रखे हुए हैं।
इतिहास की झलक: 10 जनवरी 1975 को महाराष्ट्र के नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में, 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे प्रतिवर्ष मनाने की घोषणा की। तब से यह वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन गया है।
2. विद्वानों के विचार एवं डिजिटल अवतार
भारतेंदु हरिश्चंद्र
“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।”
आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह भारतेंदु जी ने स्पष्ट किया था कि बिना अपनी भाषा के ज्ञान के, हृदय की पीड़ा को दूर नहीं किया जा सकता। शिक्षा का असली आधार मातृभाषा ही है।
स्वामी विवेकानंद
“हिंदी वह कड़ी है जो पूरे भारत को जोड़ सकती है।”
विवेकानंद जी का मानना था कि आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए हिंदी एक अत्यंत सशक्त और सरल माध्यम है।
महात्मा गांधी
“हिंदी राष्ट्र की आत्मा है।”
बापू ने हिंदी को ‘जनमानस की भाषा’ कहा था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी हिंदी को एकता का मुख्य आधार बनाया था।
3. हिंदी की वैश्विक शक्ति (आंकड़ों में)
60+ करोड़
विश्व में बोलने वाले
150+
विश्वविद्यालयों में पढ़ाई
तीसरी
सबसे बड़ी भाषा
4. आधुनिक युग में उपयोगिता और महत्त्व
आज के डिजिटल और एआई (AI) युग में हिंदी की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। यहाँ इसके कुछ मुख्य पहलू दिए गए हैं:
A. डिजिटल क्रांति और कंटेंट निर्माण
यूट्यूब, इंस्टाग्राम और ब्लॉगिंग की दुनिया में हिंदी भाषी दर्शकों की संख्या में 200% की वृद्धि देखी गई है। आज का युवा अपनी भाषा में जानकारी सुनना और देखना पसंद कर रहा है। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक अवसर भी है।
B. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)
ChatGPT, Google Bard (Gemini) जैसे AI अब हिंदी को उतनी ही दक्षता से समझते हैं जितनी अंग्रेजी को। यह इस बात का प्रमाण है कि भविष्य की तकनीक हिंदी के बिना अधूरी है।
C. बाजार की अनिवार्यता
दुनिया की बड़ी-बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब अपने विज्ञापन और मोबाइल ऐप्स हिंदी में ला रही हैं। उन्हें पता है कि अगर भारत के गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचना है, तो हिंदी ही एकमात्र रास्ता है।
5. शिक्षा और छात्र जीवन में हिंदी
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) ने मातृभाषा में शिक्षा को अनिवार्य बनाकर हिंदी के भविष्य को सुरक्षित कर दिया है। छात्रों के लिए हिंदी केवल एक विषय नहीं, बल्कि तार्किक क्षमता विकसित करने का माध्यम है। जब कोई छात्र अपनी भाषा में सोचता है, तो उसकी मौलिकता (Originality) निखर कर आती है।
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