कक्षा 8 विषय विज्ञान
कोशिका: संरचना एवं प्रकार्य
1. कोशिका क्या है?
कोशिका सजीवों की मूलभूत इकाई है। नीचे रॉबर्ट हुक द्वारा खोजी गई कोशिकाओं का चित्र है:
2. जंतु कोशिका (Animal Cell)
इसमें कोशिका झिल्ली और केंद्रक स्पष्ट देखे जा सकते हैं:
3. पादप कोशिका (Plant Cell)
इसमें हरे रंग के क्लोरोप्लास्ट और बाहरी भित्ति होती है:
तुलना तालिका
| अंगक | पादप | जंतु |
|---|---|---|
| भित्ति | है | नहीं |
| क्लोरोप्लास्ट | है | नहीं |
क्विज़
प्रश्न: कोशिका का पावर हाउस किसे कहते हैं?
4. स्व-मूल्यांकन (Interactive Quiz)
प्रश्न 1: कोशिका की खोज सबसे पहले किसने की थी?
प्रश्न 2: केवल पादप कोशिकाओं (Plant Cells) में क्या पाया जाता है?
प्रश्न 3: क्या यह कथन सत्य है? “अमीबा एक बहुकोशकीय जीव है।”
प्रश्न 4: सजीवों में आनुवंशिक गुणों (Genes) को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में कौन ले जाता है?
कोशिका: संरचना एवं प्रकार्य’ (Cell: Structure and Functions)। यह जीव विज्ञान का आधार है।
चलिए, इसे आसान भाषा में समझते हैं:
कोशिका (Cell) क्या है?
जिस प्रकार एक विशाल भवन छोटी-छोटी ईंटों से बना होता है, उसी प्रकार सभी सजीवों (पेड़-पौधे, मनुष्य, जानवर) का शरीर छोटी-छोटी इकाइयों से बना होता है जिसे कोशिका कहते हैं।
- खोज: कोशिका की खोज सबसे पहले रॉबर्ट हुक ने 1665 में की थी।
- इसे जीवन की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई कहा जाता है।
कोशिका के मुख्य भाग
एक सामान्य कोशिका में मुख्य रूप से तीन भाग होते हैं:
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane): यह कोशिका का बाहरी आवरण है जो कोशिका को आकार देता है और अंदर-बाहर आने वाले पदार्थों को नियंत्रित करता है।
- कोशिका द्रव्य (Cytoplasm): यह झिल्ली और केंद्रक के बीच भरा हुआ एक जेली जैसा पदार्थ है। इसमें छोटे-छोटे अंगक (Organelles) जैसे माइटोकॉन्ड्रिया और राइबोसोम होते हैं।
- केंद्रक (Nucleus): यह कोशिका का ‘कंट्रोल सेंटर’ यानी मस्तिष्क है। यह कोशिका की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
पादप कोशिका और जंतु कोशिका में अंतर
अक्सर परीक्षा में इन दोनों के बीच अंतर पूछा जाता है। यहाँ मुख्य अंतर दिए गए हैं:
| विशेषता | पादप कोशिका (Plant Cell) | जंतु कोशिका (Animal Cell) |
|---|---|---|
| कोशिका भित्ति | उपस्थित होती है (मजबूती के लिए) | अनुपस्थित होती है |
| क्लोरोप्लास्ट | उपस्थित (प्रकाश संश्लेषण के लिए) | अनुपस्थित |
| रिक्तिका (Vacuole) | एक बड़ी और मुख्य होती है | छोटी-छोटी या अनुपस्थित होती हैं |
| आकार | प्रायः चौकोर या स्थिर | प्रायः गोलाकार या अनियमित |
कोशिकाओं की संख्या के आधार पर जीव
- एककोशिकीय जीव (Unicellular): जिनका शरीर केवल एक ही कोशिका से बना होता है। उदाहरण: अमीबा, पैरामीशियम।
- बहुकोशिकीय जीव (Multicellular): जिनका शरीर लाखों-करोड़ों कोशिकाओं से बना होता है। उदाहरण: मनुष्य, हाथी, नीम का पेड़।
1. कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) – “सुरक्षा प्रहरी”
कोशिका झिल्ली ‘चयनात्मक पारगम्य’ (Selectively Permeable) होती है। इसका मतलब है कि यह हर चीज़ को अंदर नहीं आने देती, बल्कि केवल जरूरी पोषक तत्वों को अंदर आने देती है और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती है।
- संरचना: यह मुख्य रूप से लिपिड और प्रोटीन से बनी होती है।
- प्रकार्य: यह कोशिका को एक निश्चित आकार प्रदान करती है और आंतरिक अंगों की रक्षा करती है।
2. कोशिका भित्ति (Cell Wall) – “पौधों का कवच”
यह केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है। चूंकि पौधे चल-फिर नहीं सकते, इसलिए उन्हें तेज़ हवा, तापमान में परिवर्तन और नमी से बचने के लिए एक कठोर संरचना की आवश्यकता होती है।
- संरचना: यह सेलुलोज नामक जटिल पदार्थ से बनी होती है।
- प्रकार्य: यह पौधों को संरचनात्मक मजबूती और कठोरता प्रदान करती है।

3. केंद्रक (Nucleus) – “कोशिका का नियंत्रण केंद्र”
यह कोशिका का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कोशिका के केंद्र में स्थित एक सघन गोलाकार संरचना है।
- अंगक: इसके अंदर केंद्रिका (Nucleolus) और गुणसूत्र (Chromosomes) होते हैं।
- जीन (Genes): गुणसूत्रों पर ‘जीन’ पाए जाते हैं, जो माता-पिता के गुणों को बच्चों में पहुँचाते हैं।
- प्रकार्य: यह कोशिका विभाजन और वृद्धि जैसी सभी जैविक क्रियाओं का निर्देशन करता है।

4. कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) और उसके अंगक
झिल्ली और केंद्रक के बीच का सारा हिस्सा कोशिका द्रव्य है। इसमें कई छोटी-छोटी संरचनाएं तैरती रहती हैं, जिन्हें कोशिका अंगक कहते हैं:
क. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) – “बिजलीघर”
यह भोजन से ऊर्जा (ATP के रूप में) बनाने का काम करता है। इसीलिए इसे कोशिका का पावर हाउस कहा जाता है।
ख. रिक्तिका (Vacuoles) – “भंडारण कक्ष”
यह पानी, भोजन और अपशिष्ट पदार्थों को जमा करने वाली थैली है। पादप कोशिकाओं में एक बहुत बड़ी रिक्तिका होती है, जबकि जंतुओं में ये बहुत छोटी होती हैं।
ग. लवक (Plastids) – “रंग प्रदान करने वाले”
ये केवल पादप कोशिकाओं में होते हैं। सबसे महत्वपूर्ण लवक क्लोरोप्लास्ट है, जिसमें हरा वर्णक क्लोरोफिल होता है। इसी की मदद से पौधे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) करते हैं।

5. प्रोकैरियोटिक बनाम यूकैरियोटिक कोशिकाएं
कोशिकाएं केंद्रक की संरचना के आधार पर दो प्रकार की होती हैं:
- प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic): इनमें केंद्रक के चारों ओर झिल्ली नहीं होती (जैसे: बैक्टीरिया)। ये आदिम और सरल होती हैं।
- यूकैरियोटिक (Eukaryotic): इनमें एक सुसंगठित केंद्रक और झिल्ली युक्त अंगक होते हैं (जैसे: मनुष्य, पौधे और जानवर)।