1. पोषण (Nutrition) की परिभाषा
जीवों द्वारा भोजन ग्रहण करने और उसे पचाने की पूरी प्रक्रिया को पोषण कहते हैं। पोषण के दो मुख्य भाग हैं:
- विभिन्न खाद्य पदार्थों को ग्रहण करना (अंतर्ग्रहण)।
- भोजन का पाचन।
2. मानव में पाचन (Digestion in Humans)

मनुष्य में भोजन एक लंबी नलिका से गुजरता है जिसे आहार नाल (Alimentary Canal) कहते हैं।
पाचन के मुख्य चरण:
- अंतर्ग्रहण (Ingestion): मुख द्वारा भोजन अंदर लेना।
- पाचन (Digestion): जटिल भोजन को सरल पदार्थों में तोड़ना।
- अवशोषण (Absorption): पचे हुए पोषक तत्वों का रक्त में मिलना (यह छोटी आँत की ‘विलाई’ द्वारा होता है)।
- स्वांगीकरण (Assimilation): अवशोषित भोजन का शरीर की वृद्धि और ऊर्जा के लिए उपयोग।
- बहिःक्षेपण (Egestion): अपशिष्ट भोजन (मल) को शरीर से बाहर निकालना।
दाँतों के प्रकार:

मनुष्य में चार प्रकार के दाँत होते हैं:
- कृन्तक (Incisors): काटने का कार्य।
- रदनक (Canines): फाड़ने का कार्य।
- अग्रचर्वणक (Premolars): पीसने और चबाने का कार्य।
- चर्वणक (Molars): पीसने और चबाने का कार्य।
3. प्रमुख अंग और उनके कार्य (तालिका 7.1 का सारांश)
| अंग | पाचक रस / एंजाइम | कार्य / परिवर्तन |
|---|---|---|
| मुख गुहा | लार (टायलिन) | स्टार्च (मण्ड) को माल्टोज (चीनी) में बदलना। |
| आमाशय | जठर रस, HCl अम्ल | प्रोटीन का पाचन और कीटाणुओं को नष्ट करना। |
| छोटी आँत | पित्त रस, अग्न्याशयी रस | वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का पूर्ण पाचन। |
| बड़ी आँत | – | अतिरिक्त जल का अवशोषण करना। |
4. घास खाने वाले जन्तुओं में पाचन (Ruminants)

गाय, भैंस जैसे जन्तु पहले घास को जल्दी-जल्दी निगलकर आमाशय के एक भाग ‘रूमेन’ में इकट्ठा कर लेते हैं। यहाँ भोजन का आंशिक पाचन होता है जिसे जुगाल कहते हैं। बाद में जन्तु इसे छोटे पिण्डों के रूप में पुनः मुख में लाकर चबाते हैं, जिसे रोमन्थन (Rumination) कहते हैं।
- सीकम (Caecum): इन पशुओं में छोटी और बड़ी आँत के बीच एक थैली जैसी संरचना होती है जहाँ सेलुलोज का पाचन होता है।
5. सूक्ष्म जीवों में पोषण (Amoeba & Hydra)

अमीबा (Amoeba):
यह एककोशिकीय जीव है। यह अपने पादाभ (Pseudopodia) या ‘झूठे पैर’ की मदद से भोजन को चारों ओर से घेरकर निगल लेता है। भोजन का पाचन ‘खाद्य धानी’ में होता है।
हाइड्रा (Hydra):
हाइड्रा अपने स्पर्शकों (Tentacles) की सहायता से भोजन को पकड़कर मुख के अंदर ले जाता है।
मुख्य निष्कर्ष:
- भोजन के पाचन का आधारभूत प्रक्रम सभी प्राणियों में समान है, जिसमें खाद्य पदार्थ सरल पदार्थों में बदल जाते हैं और ऊर्जा मुक्त होती है।
- दाँतों की ऊपरी परत इनेमल कहलाती है, जो शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है।
🧬 जन्तुओं में पोषण: महा-क्विज़
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अभ्यास प्रश्नों के उत्तर
1. सही विकल्प चुन कर लिखिए:
- (क) मुखगुहा में भोजन के किस अवयव का सरलीकरण होता है?
- उत्तर: (ब) कार्बोहाइड्रेट
- (ख) भोजन का पाचन पूर्ण हो जाता है –
- उत्तर: (ब) छोटी आँत में
- (ग) कृन्तक दाँत का कार्य है –
- उत्तर: (ब) काटने का
- (घ) लार में पाये जाने वाला एन्जाइम है –
- उत्तर: (अ) टायलिन
2. उचित शब्दों द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
- (क) मंड का पाचन मुखगुहा में होता है।
- (ख) कृन्तक, रदनक, अग्रचर्वणक एवं चर्वणक दाँतों के चार प्रकार हैं।
- (ग) आमाशय में जठर रस एवं हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का स्रावण होता है।
- (घ) अमीबा अपने भोजन को पादाभ के द्वारा पकड़ता है।
3. कॉलम अ और कॉलम ब का मिलान:
| कॉलम अ (खाद्य घटक) | कॉलम ब (पाचन के बाद सरल रूप) |
|---|---|
| क. कार्बोहाइड्रेट | ब. शर्करा (माल्टोज) |
| ख. प्रोटीन | स. ऐमीनो अम्ल |
| ग. वसा | अ. वसा अम्ल एवं ग्लिसरॉल |
4. सही कथन पर (✓) और गलत पर (✗) का चिह्न लगाइये:
- (क) चर्वणक भोजन को काटने का कार्य करती है। (✗) (नोट: यह पीसने का कार्य करती है)
- (ख) आमाशय की दीवार से जठर रस का स्रावण होता है। (✓)
- (ग) पेप्सिन द्वारा कार्बोहाइड्रेट का पाचन होता है। (✗) (नोट: यह प्रोटीन का पाचन करता है)
- (घ) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल भोजन के माध्यम को क्षारीय बनाता है। (✗) (नोट: यह अम्लीय बनाता है)
- (ङ) रेनिन दूध को दही में बदलता है। (✓)
5. पाचन अंगों को सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
उत्तर: मुख➡️ मुखगुहा ➡️ग्रसनी ➡️ग्रासनली ➡️आमाशय ➡️छोटी आँत➡️ बड़ी आँत ➡️मलाशय ➡️गुदा
6. आहार नाल के भाग और संबंधित क्रियाएँ:
- (क) भोजन को चबाना: मुखगुहा (दाँतों द्वारा)
- (ख) जीवाणु नष्ट करना: आमाशय (HCl अम्ल द्वारा)
- (ग) पचे हुये भोजन का अवशोषन: छोटी आँत (विलाई द्वारा)
- (घ) सेलुलोज का पाचन: सीकम (अंधनाल)
7. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर:
- (क) पित्त रस कहाँ बनता है? यह भोजन के किस घटक के पाचन में सहायक है?
- उत्तर: पित्त रस का निर्माण यकृत (Liver) में होता है और यह पित्ताशय में संचित होता है। यह वसा (Fat) के पाचन में सहायक होता है।
- (ख) आमाशय में स्रावित अम्ल का कार्य बताइए।
- उत्तर: आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित होता है। इसके मुख्य कार्य हैं:
- यह भोजन के माध्यम को अम्लीय बनाता है जिससे पाचक एन्जाइम क्रिया कर सकें।
- यह भोजन में उपस्थित हानिकारक सूक्ष्म जीवाणुओं को नष्ट करता है।
- उत्तर: आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित होता है। इसके मुख्य कार्य हैं:
- (ग) शाकाहारी जन्तु की आहार नाल की विशेषता बताइए।
- उत्तर: शाकाहारी जन्तुओं (जैसे गाय, भैंस) की आहार नाल में छोटी आँत और बड़ी आँत के बीच एक लंबी संरचना होती है जिसे सीकम या अंधनाल कहते हैं। यहाँ विशेष जीवाणुओं द्वारा सेलुलोज का पाचन होता है, जो मनुष्य में नहीं हो पाता।
- (घ) सूक्ष्मजीव अमीबा में भोजन का अंतर्ग्रहण और पाचन:
- उत्तर: अमीबा पादाभ विकसित करके भोजन को चारों ओर से घेरकर निगल लेता है। पाचन खाद्य धानी के अंदर पाचक रसों द्वारा होता है, जिससे भोजन सरल पदार्थों में बदल जाता है।
- (ङ) मानव की आहारनाल का नामांकित चित्र:

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