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क्या आप जानते हैं कि लता मंगेशकर जी ने लगभग 20 भाषाओं में 50,000 से अधिक गीत गाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था? या यह कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ साहब ने 26 जनवरी 1950 को प्रथम गणतंत्र दिवस पर लाल किले से शहनाई बजाई थी? मास्टरकी (MASTERKEY) की इस विशेष पोस्ट में कक्षा 8 के पाठ 38 के सभी प्रश्नों के उत्तर और एक रोमांचक क्विज शामिल है। अपनी संस्कृति और महान संगीतज्ञों के बारे में जानने के लिए इसे अभी पढ़ें और शेयर करें!

वर्तमान काल के महान संगीतज्ञ – MASTERKEY

🇮🇳 हमारे आदर्श: वर्तमान काल के महान संगीतज्ञ 🇮🇳

कक्षा 8 | पाठ 38 | विशेष प्रस्तुति: MASTERKEY

“संगीत ने पत्थरों को पिघला दिया, बुझते दीपों को प्रज्ज्वलित कर दिया और विश्वजन को संगीत रस से सराबोर कर दिया।” 🎶

🎤 स्वर कोकिला: लता मंगेशकर

जन्म: 28 सितम्बर 1929, इन्दौर (M.P.)
पिता: पण्डित दीनानाथ मंगेशकर | माता: शुद्धमती

लता जी ने मात्र 5 वर्ष की उम्र से संगीत सीखना शुरू किया। उनके पिता कहते थे, “यह लड़की एक दिन चमत्कार साबित होगी।” 1942 में पिता के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी नन्ही लता पर आ गई, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।

“तेरी आवाज़ ही पहचान है तेरी,
सुरों की मलिका तू ही वरदान है मेरी।
भारत की कोकिला बनकर जो छाई,
देश के कण-कण में तूने मिश्री घोली।” 🎼

🌟 रोचक और आश्चर्यजनक तथ्य

  • लता जी ने लगभग 20 भाषाओं में 50,000 से अधिक गीत गाकर **गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड** में नाम दर्ज कराया। 📜
  • 1962 में ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ सुनकर प्रधानमंत्री नेहरू जी की आँखें भर आई थीं। 😢
  • वे मंच के सम्मान में हमेशा **नंगे पाँव** गाना गाती थीं। 👣
  • उन्हें 2001 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान **’भारत रत्न’** मिला। 🎖️

🎷 शहनाई के जादूगर: उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ

जन्म: 21 मार्च 1916, डुमराँव (बिहार)
शिक्षा: अपने चाचा अलीबख्श ‘विलायती’ से वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर में संगीत सीखा।

बिस्मिल्लाह खाँ साहब ने शहनाई को लोक संगीत से उठाकर शास्त्रीय संगीत के विश्व मंच पर प्रतिष्ठित किया। 26 जनवरी 1950 को प्रथम गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने लाल किले से शहनाई बजाई थी। 🇮🇳

“शहनाई की गूँज में जिसकी सादगी बस्ती थी,
गंगा की लहरों सी जिनकी धुन हँसती थी।
मजहब नहीं, संगीत ही जिनका ईमान था,
वो भारत माँ का बेटा, देश की शान था।” 🎺

🌟 खास बातें और सिद्धांत

  • वे संगीत और पूजा को एक ही दृष्टि से देखते थे। उनके लिए ‘सुर’ ही ‘ईश्वर’ था। 🙏
  • इतने प्रसिद्ध होने के बावजूद वे अत्यंत विनम्र थे। वे कहते थे- “मैं अभी मुश्किल से संगीत के किनारे तक ही पहुँच पाया हूँ।” 🌊
  • उन्हें भी 2001 में **’भारत रत्न’** से सम्मानित किया गया। 🏅
  • वे गंगा किनारे बैठकर घंटों अभ्यास (रियाज) किया करते थे। 🏞️

👨‍🏫 📚 🎓

“इन महान विभूतियों का जीवन हमें मेहनत, समर्पण और देशप्रेम की सीख देता है।”

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वर्तमान काल के महान संगीतज्ञ – MASTERKEY

🇮🇳 हमारे आदर्श: संगीत जगत के सितारे 🎶

MASTERKEY एजुकेशनल एकेडमी

📝 अभ्यास एवं उत्तर (विस्तृत)

प्रश्न 1: भारत की किस गायिका का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अंकित किया गया है? क्यों?

भारत की सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका लता मंगेशकर (स्वर कोकिला) का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अंकित किया गया है। उनका नाम इस प्रतिष्ठित पुस्तक में इसलिए अंकित किया गया क्योंकि उन्होंने विश्व भर की लगभग 20 भाषाओं में 50,000 से भी अधिक गीत गाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया था। लता जी का गायन करियर सात दशकों से अधिक समय तक रहा, जिसके दौरान उन्होंने भारतीय सिनेमा को अतुलनीय योगदान दिया। उनकी आवाज़ की शुद्धता और हर भाव को संगीत में ढालने की अद्भुत क्षमता उन्हें विश्व का सबसे आदर्श गायक बनाती है, यहाँ तक कि न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय सहित छह विश्वविद्यालयों ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से विभूषित किया। 🎤✨

प्रश्न 2: लता जी का वह कौन सा गीत था जिसने देश में एकता व अखण्डता की मशाल जलायी?

लता जी द्वारा गाया गया गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों” ने पूरे देश में एकता और अखण्डता की मशाल जला दी। सन् 1962 में चीन के आक्रमण के बाद जब देश दुख की घड़ी में था, तब लता जी ने यह गीत रुंधे गले से गाया। इस गीत की पंक्ति “जो खून गिरा सरहद पर वह खून था हिन्दुस्तानी” को सुनकर तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की आँखों में आँसू आ गए थे। यह गीत आज भी हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत कर देता है और देशवासियों को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। 🇮🇳🕯️

प्रश्न 3: पंडित जवाहर लाल नेहरू की आँखों से आँसू क्यों निकल आए?

पंडित जवाहर लाल नेहरू की आँखों से आँसू लता मंगेशकर द्वारा शहीदों की स्मृति में गाए गए गीत (“ऐ मेरे वतन के लोगों”) को सुनकर निकल आए। यह गीत उन सैनिकों को श्रद्धांजलि थी जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। गीत के बोल और लता जी के स्वर में इतनी करुणा और देशभक्ति थी कि प्रधानमंत्री अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए। 😢🙏

प्रश्न 4 और 5: सही विकल्प

4. लता को कौन सा सम्मान प्राप्त नहीं हुआ है?
उत्तर: (ग) नोबेल पुरस्कार। (उन्हें पदम विभूषण, दादा साहब फाल्के और भारत रत्न प्राप्त हुए हैं)।

5. प्रथम गणतंत्र दिवस की संध्या पर लाल किले से शहनाई वादन किसने किया?
उत्तर: (ख) उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ साहब। 🎷

प्रश्न 7: २०वीं सदी के अन्य संगीतज्ञों के बारे में जानें

बीसवीं सदी भारतीय संगीत का स्वर्ण युग रही है। लता जी और बिस्मिल्लाह खाँ के अलावा पंडित रविशंकर (सितार), उस्ताद जाकिर हुसैन (तब्ला), पंडित भीमसेन जोशी (शास्त्रीय गायन) और ए.आर. रहमान जैसे दिग्गजों ने भारतीय संगीत को विश्व पटल पर पहुँचाया है। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने स्थानीय क्षेत्र के लोक संगीतकारों के बारे में भी जानकारी जुटाकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोना चाहिए। 📚🌍


🏆 प्रोफेशनल संगीत क्विज (MASTERKEY)

⚠️ माइनस मार्किंग: -0.25 | सही उत्तर: +1.0

स्कोर: 0 | प्रश्न: 1/20

प्रश्न यहाँ लोड होगा…

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लता मंगेशकर और बिस्मिल्लाह खान की जीवनी,

क्या आप जानते हैं कि लता जी मंच पर हमेशा नंगे पाँव क्यों गाती थीं? या बिस्मिल्लाह खान साहब ने पहली बार लाल किले पर शहनाई कब बजाई? कक्षा 8 के पाठ 38 'हमारे आदर्श' पर आधारित इस विशेष पोस्ट में हमने न केवल इन महान विभूतियों के बारे में विस्तार से बताया है, बल्कि आपकी तैयारी के लिए एक प्रोफेशनल क्विज भी तैयार की है। इसे अभी खेलें और अपनी जानकारी परखें!

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