1. भारत सरकार को कानूनी सलाह देना
महान्यायवादी का प्राथमिक कर्तव्य उन कानूनी विषयों पर भारत सरकार को सलाह देना है, जो राष्ट्रपति द्वारा उन्हें भेजे जाते हैं। वे जटिल कानूनी मुद्दों पर सरकार का मार्गदर्शन करते हैं।
2. अदालतों में सरकार का प्रतिनिधित्व करना
- उच्चतम न्यायालय (Supreme Court): भारत सरकार से संबंधित सभी मामलों में महान्यायवादी सरकार की ओर से पेश होते हैं।
- अन्य उच्च न्यायालय: यदि राष्ट्रपति आवश्यक समझें, तो वे किसी भी उच्च न्यायालय (High Court) में भी सरकार का पक्ष रखने के लिए महान्यायवादी को नियुक्त कर सकते हैं।
3. राष्ट्रपति द्वारा सौंपे गए अन्य कानूनी कार्य
संविधान या किसी अन्य कानून के तहत राष्ट्रपति द्वारा सौंपे गए किसी भी कानूनी चरित्र के कर्तव्यों का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है।
4. अनुच्छेद 143 के तहत भूमिका
जब राष्ट्रपति अनुच्छेद 143 के तहत उच्चतम न्यायालय से किसी कानूनी तथ्य पर परामर्श मांगते हैं, तो महान्यायवादी वहां भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
महान्यायवादी की विशेष शक्तियाँ और अधिकार
महान्यायवादी के पास कुछ ऐसे अधिकार होते हैं जो अन्य किसी भी अधिकारी के पास नहीं होते:
- देश के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार: वे भारत के किसी भी क्षेत्र में स्थित किसी भी अदालत में सुनवाई (Audience) का अधिकार रखते हैं।
- संसद की कार्यवाही में भाग लेना: उन्हें संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार है। वे संसद की किसी भी समिति के सदस्य भी बन सकते हैं।
- वोट देने का अधिकार नहीं: यद्यपि वे संसद की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं, लेकिन उन्हें सदन में मतदान (Vote) करने का अधिकार नहीं होता।
- विशेषाधिकार: उन्हें वे सभी विशेषाधिकार और उन्मुक्तियाँ (Immunities) प्राप्त होती हैं जो एक संसद सदस्य (MP) को मिलती हैं।
सीमाएं (Limitations)
सरकार का पूर्णकालिक वकील होने के बावजूद, उनके ऊपर कुछ प्रतिबंध होते हैं:
- वे भारत सरकार के खिलाफ कोई सलाह या केस नहीं ले सकते।
- जिस मामले में उन्हें सरकार की ओर से पेश होना है, उस पर वे कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
- वे सरकार की अनुमति के बिना किसी आपराधिक मामले में आरोपी का बचाव नहीं कर सकते।
- वे सरकार की अनुमति के बिना किसी कंपनी के निदेशक (Director) का पद स्वीकार नहीं कर सकते।
| अनुच्छेद 76 | भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति, योग्यता और पद की अवधि। |
| अनुच्छेद 88 | संसद के सदनों और इसकी समितियों के संबंध में महान्यायवादी के अधिकार। |
| अनुच्छेद 105 | महान्यायवादी की शक्तियां, विशेषाधिकार और उन्मुक्तियां। |
🇮🇳 भारत का महान्यायवादी: महा-क्विज 🇮🇳
वर्तमान में भारत के महान्यायवादी आर. वेंकटरमणी (R. Venkataramani) हैं।
- उन्होंने 1 अक्टूबर 2022 को अपना पद संभाला था।
- हाल ही में (सितंबर 2025 में), भारत सरकार ने उनकी कार्यक्षमता और अनुभव को देखते हुए उनके कार्यकाल को दो वर्ष के लिए और बढ़ा दिया है। अब वे 30 सितंबर 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे।
- वे भारत के 16वें महान्यायवादी हैं।
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