बल की संपूर्ण व्याख्या
परिभाषा, सूत्र, मात्रक और प्रकार (विस्तृत)
1. बल क्या है? (Definition)
बल वह बाहरी प्रभाव है जो किसी वस्तु की स्थिर अवस्था या गति की अवस्था में परिवर्तन लाता है। यह एक सदिश राशि (Vector) है जिसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
प्रभाव: यह वस्तु को चला सकता है, रोक सकता है, दिशा बदल सकता है और उसका आकार बिगाड़ सकता है।
2. गणितीय सूत्र (Mathematical Formula)
न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार, बल द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है:
जहाँ m = वस्तु का द्रव्यमान (Mass) और a = त्वरण (Acceleration) है।
3. मात्रक (Units)
| प्रणाली (System) | मात्रक (Unit) | विवरण |
|---|---|---|
| S.I. मात्रक | न्यूटन (Newton – N) | 1 N = 1 kg·m/s² |
| C.G.S. मात्रक | डाइन (Dyne) | 1 N = 10&sup5; Dyne |
4. बल के प्रकार (Types of Forces)
बलों को उनकी कार्य करने की विधि के आधार पर दो भागों में बाँटा गया है:
A) संपर्क बल (Contact Forces)
- घर्षण बल: जो गति को रोकता है।
- पेशीय बल: शरीर द्वारा लगाया गया बल।
- अभिलंब बल: सतह द्वारा ऊपर की ओर लगाया गया बल।
B) अ-संपर्क बल (Non-Contact Forces)
- गुरुत्वाकर्षण: पृथ्वी का खिंचाव।
- चुंबकीय बल: चुंबक का प्रभाव।
- स्थिर विद्युत: आवेशों के बीच बल।
उदाहरण 1: जब आप साइकिल चलाते हैं, तो आपके पैरों का बल (पेशीय बल) उसे गति देता है, जबकि टायरों और सड़क के बीच का घर्षण उसे रोकने की कोशिश करता है।
उदाहरण 2: पेड़ से गिरता हुआ सेब गुरुत्वाकर्षण बल के कारण नीचे आता है, यहाँ कोई भौतिक संपर्क नहीं होता।