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पूर्वी घाट का विस्तृत भौगोलिक विवरण

पूर्वी घाट का विस्तृत अध्याय

भारत के प्रायद्वीपीय पठार की प्राचीन पर्वत श्रृंखला

1. भौगोलिक परिचय

पूर्वी घाट भारत के पूर्वी तट के समानांतर चलने वाली पहाड़ियों की एक असंतत (Discontinuous) श्रृंखला है। यह उत्तर में महानदी घाटी से शुरू होकर दक्षिण में नीलगिरी की पहाड़ियों तक लगभग 1,500 किलोमीटर में विस्तृत है। पश्चिमी घाट की तुलना में इसकी औसत ऊँचाई कम है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली प्रमुख नदियों ने इसे गहरे अंतराल प्रदान किए हैं।

2. प्रमुख राज्य और विस्तार

पूर्वी घाट का विस्तार मुख्य रूप से पाँच राज्यों में है:

  • ओडिशा: यहाँ श्रृंखला का उत्तरी भाग स्थित है।
  • आंध्र प्रदेश: इस राज्य में श्रृंखला का सबसे अधिक विस्तार है।
  • तेलंगाना: पूर्वी जिलों में स्थित पहाड़ी हिस्से।
  • कर्नाटक: बिलिगिरिरंगा जैसी पहाड़ियाँ इसी का हिस्सा हैं।
  • तमिलनाडु: दक्षिण में यह श्रृंखला पश्चिमी घाट से मिल जाती है।

3. प्रमुख शिखर और पर्वत श्रेणियाँ

शिखर/पहाड़ी का नाम ऊँचाई (मीटर) राज्य
जिंदगड़ा (Jindhagada) 1,690 मी. आंध्र प्रदेश
अरमा कोंडा (Arma Konda) 1,680 मी. आंध्र प्रदेश
महेंद्रगिरि (Mahendragiri) 1,501 मी. ओडिशा
शेवराय पहाड़ियाँ 1,620 मी. तमिलनाडु

4. नदियाँ और महत्व

पूर्वी घाट भारत की प्रमुख नदियों महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी के लिए एक जल-विभाजक का कार्य करता है। ये नदियाँ इस श्रृंखला को काटते हुए डेल्टा बनाती हैं। यहाँ उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन पाए जाते हैं। आंध्र प्रदेश के शेषचलम बायोस्फीयर रिजर्व में लाल चंदन (Red Sanders) के दुर्लभ वन पाए जाते हैं।

© 2026 भारत का भूगोल – विस्तृत शैक्षणिक अध्ययन

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