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संस्कार से सफलता तक : बच्चों के सर्वांगीण विकास का असली मन्त्र:-

बच्चों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की भूमिका

​अभिभावक (माता-पिता) बच्चे के पहले शिक्षक और घर उसका पहला स्कूल होता है। बच्चे के व्यक्तित्व, व्यवहार और भविष्य की नींव रखने में अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

1. प्रथम शिक्षक और रोल मॉडल

​बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने आसपास देखते हैं। अभिभावक जिस तरह से बातचीत करते हैं, दूसरों का सम्मान करते हैं और चुनौतियों का सामना करते हैं, बच्चा उसी का अनुकरण करता है। इसलिए, बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए अभिभावकों को स्वयं एक आदर्श उदाहरण (Role Model) बनना चाहिए।

2. भावनात्मक सहारा और सुरक्षा

​एक बच्चे के लिए उसके माता-पिता सुरक्षा का सबसे बड़ा स्तंभ होते हैं। जब अभिभावक बच्चों की बात ध्यान से सुनते हैं और उनकी भावनाओं को समझते हैं, तो बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि चाहे जो भी हो, उनके माता-पिता हमेशा उनके साथ हैं।

3. अनुशासन और अच्छी आदतें

​बचपन में सिखाई गई आदतें जीवनभर साथ रहती हैं। समय पर उठना, स्वच्छता बनाए रखना और बड़ों का सम्मान करना सिखाना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। हालांकि, अनुशासन सख्त सजा के बजाय प्यार और समझाइश पर आधारित होना चाहिए।

​केवल स्कूल भेजना ही काफी नहीं है। अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई में रुचि लेनी चाहिए। उनके साथ होमवर्क साझा करना, स्कूल की गतिविधियों के बारे में पूछना और उनके छोटे-छोटे प्रयासों की सराहना करना बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित करता है।

5. डिजिटल दुनिया में मार्गदर्शन

​आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट बच्चों के लिए बड़ा आकर्षण हैं। अभिभावकों की भूमिका यहाँ और भी बढ़ जाती है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करें और उन्हें इंटरनेट के सही उपयोग के बारे में शिक्षित करें।

6. निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना

​बच्चों को छोटे-छोटे निर्णय खुद लेने दें, जैसे- कौन से कपड़े पहनने हैं या कौन सा खेल खेलना है। इससे उनमें आत्मनिर्भरता और सही-गलत की पहचान करने की क्षमता विकसित होती है।

7. स्वास्थ्य और पोषण

​बच्चों के शारीरिक विकास के लिए सही खान-पान और खेल-कूद बहुत जरूरी है। अभिभावकों को जंक फूड के बजाय घर के बने पौष्टिक भोजन के महत्व को समझाना चाहिए और उन्हें बाहरी खेलों (Outdoor Games) के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

अभिभावक की भूमिका केवल बच्चे की भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे एक संवेदनशील, जिम्मेदार और सफल इंसान बनाने की है। आपका थोड़ा सा समय और ढेर सारा प्यार बच्चे के भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है।

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