१. “चीजों को हटाना” (वस्तु विधि)
यह सबसे आसान तरीका है क्योंकि बच्चा चीजों को अपनी आंखों से कम होते हुए देखता है।
- उदाहरण: बच्चे को ५ कंचे (marbles) या पेंसिल दें।
- उससे कहें: “इनमें से २ पेंसिल अपनी दीदी को दे दो।”
- अब बच्चे से कहें: “गिनो, तुम्हारे पास कितनी बचीं?”
- बच्चा गिनेगा— १, २, ३।
- सीख: इस तरह वह समझ जाएगा कि ५ – २ = ३ होता है।
२. उंगलियों का जादू (Finger Method)
उंगलियां हमेशा साथ रहती हैं, इसलिए यह सबसे व्यावहारिक तरीका है।
- कैसे सिखाएं: मान लीजिए सवाल है ६ – ३।
- बच्चे से कहें कि वह अपनी ६ उंगलियां खड़ी करे।
- अब उसे कहें कि ३ उंगलियां “छुपा ले” या “बंद कर ले”।
- बाकी बची हुई खड़ी उंगलियों को गिनने को कहें।
- जवाब: ३ उंगलियां बचीं।
३. पीछे की ओर गिनती (Backward Counting)
यह तरीका बड़े नंबरों के लिए बहुत काम आता है। इसे “मेंढक की छलांग” कहें।
- अगर बच्चे को ८ – ३ करना है:
- उसे कहें कि वह नंबर ८ को अपने दिमाग में रखे।
- अब ३ कदम पीछे की तरफ गिनती गिने: ७, ६, ५।
- जिस नंबर पर गिनती खत्म हुई, वही उत्तर है।
४. “कौन ज्यादा, कौन कम” (अंतर समझना)
दो अलग-अलग ढेरों की तुलना करवाएं।
- एक हाथ में ७ टॉफी रखें और दूसरे में ४।
- बच्चे से पूछें: “इस हाथ में कितनी ज्यादा टॉफी हैं?”
- बच्चा एक-एक करके जोड़े मिलाएगा और देखेगा कि ३ टॉफी बच गईं।
सिखाते समय इन सरल शब्दों का प्रयोग करें:
बच्चों को ‘घटाना’ शब्द कठिन लग सकता है, इसलिए बातचीत में इन शब्दों का उपयोग करें:
- “कितने बच गए?” (How many left?)
- “निकाल देना” (Take away)
- “कम हो जाना” (To decrease)
एक उपयोगी सुझाव:
शुरुआत में हमेशा १ से १० तक के छोटे अंकों का ही अभ्यास कराएं। जब बच्चा बिना डरे उत्तर देने लगे, तब बड़े अंकों की ओर बढ़ें।