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श्रीनिवास रामानुजन् इयंगर  महान् भारतीय गणितज्ञ थे। इन्हें गणित में कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला, फिर भी इन्होंने विश्लेषण एवं संख्या सिद्धांत के क्षेत्रों में गहन योगदान दिए।

रामानुजन का जन्म २२ दिसम्बर १८८७ को भारत के दक्षिणी भूभाग में स्थित कोयम्बटूर के ईरोड नाम के ग्राम में हुआ था। वह पारम्परिक ब्राह्मण परिवार में जन्मे थे। इन की माता का नाम कोमलताम्मल और इन के पिता का नाम श्रीनिवास अय्यंगर था। ।

26 अप्रैल1920 के प्रातः काल में वे अचेत हो गए और दोपहर होते होते उन्होने प्राण त्याग दिए। इस समय रामानुजन की आयु मात्र 33 वर्ष थी। 

रामानुजन संख्याएँ

‘रामानुजन संख्या’ उस प्राकृतिक संख्या को कहते हैं जिसे दो अलग-अलग प्रकार से दो संख्याओं के घनों के योग द्वारा निरूपित किया जा सकता है।

उदाहरण – 93+103=13+123=1729{\displaystyle 9^{3}+10^{3}=1^{3}+12^{3}=1729}.

इसी प्रकार,

  • 23+163=93+153=4104{\displaystyle 2^{3}+16^{3}=9^{3}+15^{3}=4104}
  • 103+273=193+243=20683{\displaystyle 10^{3}+27^{3}=19^{3}+24^{3}=20683}
  • 23+343=153+333=39312{\displaystyle 2^{3}+34^{3}=15^{3}+33^{3}=39312}
  • 93+343=163+333=40033{\displaystyle 9^{3}+34^{3}=16^{3}+33^{3}=40033}

अतः 1729, 4104, 20683, 39312, 40033 आदि रामानुजन संख्याएं हैं।

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