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क्रिसमस: ईसा मसीह का जन्मोत्सव, इतिहास और वैस्विक महत्त्व
क्रिसमस के पावन अवसर पर यहाँ प्रभु ईसा मसीह के जन्मोत्सव, इसके गौरवशाली इतिहास और वैश्विक महत्व पर आधारित एक विस्तृत लेख प्रस्तुत है:
क्रिसमस: प्रभु ईसा मसीह का जन्मोत्सव, इतिहास और वैश्विक महत्व
भूमिका:-
क्रिसमस शब्द की उत्पत्ति 'क्राइस्ट्स मास' (Christ's Mass) शब्द से हुई है। यह केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, शांति, और मानवता के मिलन का वैश्विक उत्सव है। प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को दुनिया भर के अरबों लोग प्रभु ईसा मसीह (जीसस क्राइस्ट) के जन्म की खुशी में इस त्योहार को मनाते हैं। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
- प्रभु ईसा मसीह का जन्मोत्सव: दैवीय कथा
बाइबिल के अनुसार, ईसा मसीह का जन्म आज से लगभग दो हजार वर्ष पूर्व यहूदिया के बेथलहम शहर में हुआ था।
- ईश्वरीय संदेश: ईसाई मान्यताओं के अनुसार, ईश्वर ने 'गेब्रियल' नामक देवदूत को मरियम (Mary) के पास यह संदेश देने भेजा कि वे ईश्वर के पुत्र को जन्म देंगी। मरियम और उनके पति यूसुफ (Joseph) उस समय नासरत में रहते थे।
- चरनी में जन्म: जब वे जनगणना के लिए बेथलहम पहुंचे, तो वहां ठहरने के लिए कोई सराय खाली नहीं थी। अंततः उन्हें एक अस्तबल में शरण लेनी पड़ी। वहीं एक चरनी (Manger) में प्रभु यीशु का जन्म हुआ।
- अद्भुत सितारा: कहा जाता है कि उनके जन्म के समय आसमान में एक दिव्य सितारा चमका, जिसे देखकर दूर देशों के तीन बुद्धिमान ज्योतिषी (Magi) और गडरिये उनके दर्शन करने और उपहार (सोना, लोबान और गंधरस) भेंट करने पहुंचे।
- क्रिसमस का ऐतिहासिक सफर
क्रिसमस को आधिकारिक रूप से मनाने की शुरुआत तुरंत नहीं हुई थी। इसके इतिहास में कई महत्वपूर्ण मोड़ आए:
- शुरुआती दौर: ईसा मसीह की मृत्यु के कई दशकों बाद तक उनके जन्म की कोई निश्चित तारीख तय नहीं थी। शुरुआती ईसाई समुदाय ईस्टर (पुनरुत्थान का पर्व) को अधिक महत्व देते थे।
- 25 दिसंबर का चयन: चौथी शताब्दी में, रोम के सम्राट कॉन्स्टेंटाइन के शासनकाल के दौरान, चर्च ने आधिकारिक तौर पर 25 दिसंबर को यीशु के जन्मदिन के रूप में चुना। इतिहासकारों का मानना है कि इस तारीख को इसलिए चुना गया क्योंकि इस समय रोमन लोग 'सॉल इनविक्टस' (अजेय सूर्य) का त्योहार मनाते थे, और चर्च चाहता था कि लोग सूर्य की पूजा के स्थान पर 'जगत की ज्योति' (यीशु) की पूजा करें।
- वैश्विक प्रसार: मध्यकाल तक आते-आते यह त्योहार यूरोप के हर कोने में फैल गया। 19वीं शताब्दी में, 'क्रिसमस कैरोल' और 'क्रिसमस ट्री' जैसी परंपराओं ने इसे एक आधुनिक और भव्य रूप दिया।
- क्रिसमस की प्रमुख परंपराएँ और उनके प्रतीक
क्रिसमस की हर परंपरा के पीछे एक गहरा अर्थ छिपा है:
- क्रिसमस ट्री (Christmas Tree): सदाबहार देवदार का पेड़ अमर जीवन का प्रतीक है। इसे रोशनी और सितारों से सजाना इस बात का संकेत है कि मसीह दुनिया के लिए प्रकाश बनकर आए।
- सांता क्लॉज़ (Santa Claus): सांता क्लॉज़ का चरित्र चौथी शताब्दी के सेंट निकोलस पर आधारित है, जो अपनी दयालुता और बच्चों को गुप्त उपहार देने के लिए जाने जाते थे। आज सांता निस्वार्थ सेवा और खुशी बांटने का प्रतीक हैं।
- कैरोल सिंगिंग (Carol Singing): समूह में गाए जाने वाले ये गीत ईसा मसीह के जन्म की खुशी का उत्सव मनाते हैं।
- उपहारों का आदान-प्रदान: यह परंपरा तीन बुद्धिमान व्यक्तियों द्वारा यीशु को दिए गए उपहारों की याद दिलाती है और आपसी प्रेम को बढ़ाती है।
- वैश्विक महत्व: सांस्कृतिक और सामाजिक एकता
क्रिसमस आज सीमाओं और धर्मों से ऊपर उठ चुका है:
- मानवता का संदेश: ईसा मसीह ने प्रेम, क्षमा, और शांति का उपदेश दिया। क्रिसमस के दौरान दुनिया भर में दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं, जो 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को पुष्ट करते हैं।
- आर्थिक महत्व: यह समय व्यापार, पर्यटन और कला के लिए दुनिया भर में सबसे बड़ा अवसर होता है। बाज़ारों की रौनक और सजावट वैश्विक अर्थव्यवस्था में जान फूंक देती है।
- परिवारों का मिलन: भागदौड़ भरी जिंदगी में क्रिसमस वह समय है जब लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने के लिए घर लौटते हैं।
- आधुनिक समय में क्रिसमस की प्रासंगिकता
आज के दौर में, जहाँ दुनिया युद्ध और नफरत जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, क्रिसमस का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो गया है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि:
- विनम्रता (Humility) सबसे बड़ा गुण है, क्योंकि ईश्वर के पुत्र ने एक साधारण अस्तबल में जन्म लिया।
- क्षमा (Forgiveness) ही शांति का मार्ग है।
- दूसरों की सेवा (Service) ही सच्ची ईश्वर भक्ति है।
निष्कर्ष
क्रिसमस केवल केक खाने या सजावट करने का दिन नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर के अंधकार को मिटाकर प्रेम की ज्योति जलाने का अवसर है। प्रभु ईसा मसीह का जीवन हमें सिखाता है कि हम दीन-दुखियों की सेवा करें और समाज में शांति का प्रसार करें। 25 दिसंबर का यह दिन हमें याद दिलाता है कि आशा का जन्म सबसे कठिन परिस्थितियों में भी हो सकता है।
क्रिसमस का त्योहार अपने साथ खुशियों की एक ऐसी लहर लेकर आता है, जिसमें बच्चा हो या बुजुर्ग, हर कोई सराबोर हो जाता है। हालाँकि इस पर्व के कई पहलू हैं, लेकिन कुछ हिस्से ऐसे हैं जो इसे दुनिया का सबसे जादुई समय बना देते हैं। - यहाँ क्रिसमस के सबसे पसंदीदा हिस्सों का विस्तार से वर्णन है:
- अपनों का साथ और पारिवारिक मिलन 👨👩👧👦❤️
क्रिसमस का सबसे खूबसूरत हिस्सा है 'साथ होना'। भागदौड़ भरी जिंदगी में यह वह समय होता है जब दुनिया भर में लोग अपने काम से छुट्टी लेकर घर लौटते हैं। ठंडी रातों में परिवार के साथ बैठकर गरमा-गरम भोजन करना, पुरानी यादें ताजा करना और साथ मिलकर हंसी-मजाक करना इस त्योहार की असली रूह है। यह हमें सिखाता है कि रिश्ते ही हमारी असली पूंजी हैं। - उपहारों का जादू और सरप्राइज का आनंद 🎁✨
उपहार देना और पाना, दोनों ही क्रिसमस के रोमांच को बढ़ा देते हैं। रंग-बिरंगे कागजों में लिपटे सरप्राइज जब क्रिसमस ट्री के नीचे मिलते हैं, तो चेहरे की मुस्कान देखने लायक होती है। यह केवल भौतिक वस्तुओं का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह दूसरों के प्रति सम्मान और प्रेम प्रकट करने का एक तरीका है। 'सीक्रेट सांता' जैसे खेल इस उत्साह को दोगुना कर देते हैं। - क्रिसमस ट्री और रोशनी की सजावट 🎄🌟
दिसंबर की शुरुआत होते ही घरों और बाज़ारों का नज़ारा बदल जाता है। हरे-भरे क्रिसमस ट्री को चमकीले सितारों, रंगीन बॉल्स, और नन्ही लाइटों से सजाना एक बेहद सुकून देने वाली गतिविधि है। रात के अंधेरे में जब पूरी दुनिया रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठती है, तो ऐसा लगता है मानो धरती पर सितारे उतर आए हों। यह सजावट सकारात्मकता और नई आशा का प्रतीक है। - सांता क्लॉज़ और बचपन की मासूमियत 🎅 सून
बच्चों के लिए क्रिसमस का मतलब है सांता क्लॉज़। मोजों (Stockings) को इस उम्मीद में लटकाना कि रात को सांता आएंगे और उनकी पसंदीदा चीज़ दे जाएंगे, बचपन की उस जादुई मासूमियत को जीवित रखता है। सांता का चरित्र हमें निस्वार्थ भाव से देने और दूसरों की खुशी में अपनी खुशी ढूंढने की प्रेरणा देता है। - विशेष व्यंजन और केक की मिठास 🍰🍪
क्रिसमस के व्यंजनों के बिना यह उत्सव अधूरा है। घर में बनने वाले प्लम केक, कुकीज़ और विशेष पकवानों की खुशबू पूरे वातावरण को सुगंधित कर देती है। दोस्तों और पड़ोसियों को केक खिलाना और साथ मिलकर 'क्रिसमस डिनर' का आनंद लेना स्वाद और प्रेम का अनोखा संगम है। - शांति और प्रार्थना का समय ⛪ प्रार्थना
अंततः, क्रिसमस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसकी शांति है। चर्च में होने वाली 'मिडनाइट मास' (आधी रात की प्रार्थना) और मोमबत्तियों की रोशनी के बीच गाए जाने वाले 'कैरोल्स' मन को असीम सुकून देते हैं। यह समय आत्म-चिंतन करने और प्रभु ईसा मसीह के शांति व क्षमा के संदेश को अपने जीवन में उतारने का होता है।
निष्कर्ष:
क्रिसमस का सबसे पसंदीदा हिस्सा केवल बाहरी चमक-धमक नहीं, बल्कि वह 'अहसास' है जो हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि दुनिया में सबसे बड़ी खुशी दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में है। 🎄✨🎅
क्या आप चाहेंगे कि मैं इन हिस्सों पर आधारित कुछ सुंदर क्रिसमस संदेश (Wishes) भी तैयार करूँ?
क्रिसमस का त्योहार अपने साथ खुशियों की एक ऐसी लहर लेकर आता है, जिसमें बच्चा हो या बुजुर्ग, हर कोई सराबोर हो जाता है। हालाँकि इस पर्व के कई पहलू हैं, लेकिन कुछ हिस्से ऐसे हैं जो इसे दुनिया का सबसे जादुई समय बना देते हैं।
यहाँ क्रिसमस के सबसे पसंदीदा हिस्सों का विस्तार से वर्णन है:
- अपनों का साथ और पारिवारिक मिलन 👨👩👧👦❤️
क्रिसमस का सबसे खूबसूरत हिस्सा है 'साथ होना'। भागदौड़ भरी जिंदगी में यह वह समय होता है जब दुनिया भर में लोग अपने काम से छुट्टी लेकर घर लौटते हैं। ठंडी रातों में परिवार के साथ बैठकर गरमा-गरम भोजन करना, पुरानी यादें ताजा करना और साथ मिलकर हंसी-मजाक करना इस त्योहार की असली रूह है। यह हमें सिखाता है कि रिश्ते ही हमारी असली पूंजी हैं। - उपहारों का जादू और सरप्राइज का आनंद 🎁✨
उपहार देना और पाना, दोनों ही क्रिसमस के रोमांच को बढ़ा देते हैं। रंग-बिरंगे कागजों में लिपटे सरप्राइज जब क्रिसमस ट्री के नीचे मिलते हैं, तो चेहरे की मुस्कान देखने लायक होती है। यह केवल भौतिक वस्तुओं का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह दूसरों के प्रति सम्मान और प्रेम प्रकट करने का एक तरीका है। 'सीक्रेट सांता' जैसे खेल इस उत्साह को दोगुना कर देते हैं। - क्रिसमस ट्री और रोशनी की सजावट 🎄🌟
दिसंबर की शुरुआत होते ही घरों और बाज़ारों का नज़ारा बदल जाता है। हरे-भरे क्रिसमस ट्री को चमकीले सितारों, रंगीन बॉल्स, और नन्ही लाइटों से सजाना एक बेहद सुकून देने वाली गतिविधि है। रात के अंधेरे में जब पूरी दुनिया रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठती है, तो ऐसा लगता है मानो धरती पर सितारे उतर आए हों। यह सजावट सकारात्मकता और नई आशा का प्रतीक है। - सांता क्लॉज़ और बचपन की मासूमियत 🎅 सून
बच्चों के लिए क्रिसमस का मतलब है सांता क्लॉज़। मोजों (Stockings) को इस उम्मीद में लटकाना कि रात को सांता आएंगे और उनकी पसंदीदा चीज़ दे जाएंगे, बचपन की उस जादुई मासूमियत को जीवित रखता है। सांता का चरित्र हमें निस्वार्थ भाव से देने और दूसरों की खुशी में अपनी खुशी ढूंढने की प्रेरणा देता है। - विशेष व्यंजन और केक की मिठास 🍰🍪
क्रिसमस के व्यंजनों के बिना यह उत्सव अधूरा है। घर में बनने वाले प्लम केक, कुकीज़ और विशेष पकवानों की खुशबू पूरे वातावरण को सुगंधित कर देती है। दोस्तों और पड़ोसियों को केक खिलाना और साथ मिलकर 'क्रिसमस डिनर' का आनंद लेना स्वाद और प्रेम का अनोखा संगम है। - शांति और प्रार्थना का समय ⛪ प्रार्थना
अंततः, क्रिसमस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसकी शांति है। चर्च में होने वाली 'मिडनाइट मास' (आधी रात की प्रार्थना) और मोमबत्तियों की रोशनी के बीच गाए जाने वाले 'कैरोल्स' मन को असीम सुकून देते हैं। यह समय आत्म-चिंतन करने और प्रभु ईसा मसीह के शांति व क्षमा के संदेश को अपने जीवन में उतारने का होता है।
निष्कर्ष:
क्रिसमस का सबसे पसंदीदा हिस्सा केवल बाहरी चमक-धमक नहीं, बल्कि वह 'अहसास' है जो हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि दुनिया में सबसे बड़ी खुशी दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में है। 🎄✨🎅
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