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उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की कक्षा 5 की पुस्तक से एक और बहुत ही महत्वपूर्ण पाठ है: “भोजन एवं स्वास्थ्य” (Food and Health)

​यह पाठ हमें सिखाता है कि स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या खाना चाहिए और बीमारियों से कैसे बचना चाहिए।

​संतुलित आहार (Balanced Diet)

“वह भोजन जिसमें हमारे शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व (जैसे— कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन और खनिज लवण) सही और उचित मात्रा में मौजूद हों, उसे संतुलित आहार कहते हैं।”

​संतुलित आहार क्यों जरूरी है?

​केवल पेट भर लेना ही काफी नहीं होता, शरीर को सही ढंग से चलाने के लिए संतुलित आहार के ये फायदे हैं:

  • ऊर्जा के लिए: काम करने और खेलने की शक्ति मिलती है।
  • वृद्धि के लिए: शरीर की लंबाई और मजबूती बढ़ती है (खासकर बढ़ते बच्चों के लिए)।
  • रोगों से लड़ने के लिए: यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाता है ताकि हम जल्दी बीमार न पड़ें।
  • मरम्मत के लिए: शरीर के अंदर टूटी-फूटी कोशिकाओं की मरम्मत करता है।

​एक संतुलित थाली कैसी दिखती है?

​कक्षा 5 की किताब के अनुसार, आपकी थाली में ये चीजें शामिल होनी चाहिए:

  1. अनाज (रोटी/चावल): कार्बोहाइड्रेट के लिए।
  2. दालें/दूध/अंडा: प्रोटीन के लिए।
  3. हरी सब्जियां और फल: विटामिन और खनिज के लिए।
  4. थोड़ा घी या तेल: वसा (Fat) के लिए।
  5. पानी: पर्याप्त मात्रा में जल।

​ हमारे भोजन में मुख्य रूप से 5 पोषक तत्व होने चाहिए।

पोषक तत्व (Nutrients)क्या काम करते हैं?कहाँ से मिलते हैं?
कार्बोहाइड्रेटशरीर को ऊर्जा (Energy) देनाचावल, गेहूँ, आलू, चीनी
वसा (Fat)अधिक ऊर्जा और गर्मी देनाघी, तेल, मक्खन, मेवे
प्रोटीनशरीर की वृद्धि और मरम्मत करनादालें, दूध, अंडा, पनीर
विटामिनरोगों से रक्षा करनाताजे फल और सब्जियां
खनिज (Minerals)हड्डियों और खून को स्वस्थ रखनानमक, दूध, हरी सब्जियां

बीमारियाँ और उनसे बचाव

​बीमारियाँ मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं:

​1. संक्रामक रोग (Infectious Diseases)

संक्रामक रोग वे बीमारियाँ हैं जो एक बीमार व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैलती हैं। इन्हें ‘छुआछूत की बीमारियाँ’ भी कहा जाता है।

​1. संक्रामक रोग कैसे फैलते हैं? (फैलने के माध्यम)

​संक्रामक रोग सूक्ष्म जीवों (जैसे- जीवाणु, विषाणु) के कारण होते हैं, जो इन रास्तों से हमारे शरीर में पहुँचते हैं:

  • दूषित जल और भोजन द्वारा: गंदा पानी पीने या बिना ढका खाना खाने से (जैसे- हैजा, पेचिश, टाइफाइड)।
  • हवा द्वारा: बीमार व्यक्ति के खाँसने या छींकने से (जैसे- जुकाम, इन्फ्लुएंजा, टी.बी.)।
  • कीटों द्वारा: मच्छर, मक्खी आदि के काटने से (जैसे- मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया)।
  • सीधे संपर्क द्वारा: बीमार व्यक्ति के कपड़े या बर्तन इस्तेमाल करने से (जैसे- खुजली, चेचक)।

​2. संक्रामक रोगों से बचाव के उपाय

​बीमारियों से बचने के लिए हमें अपनी आदतों में सुधार करना चाहिए:

  • पानी को स्वच्छ रखें: हमेशा शुद्ध पानी पिएं। यदि शंका हो, तो पानी उबालकर पिएं। अपने आस-पास पानी जमा न होने दें (इससे मच्छर पैदा होते हैं)।
  • भोजन की स्वच्छता: खाने की चीजों को हमेशा ढककर रखें। बाजार की खुली हुई चीजें या कटी हुई सब्जियां/फल न खाएं।
  • हाथों की सफाई: खाना खाने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं।
  • टीकाकरण (Vaccination): समय-समय पर बीमारियों से बचने के लिए टीके लगवाएं (जैसे- पोलियो की खुराक, बी.सी.जी. का टीका)।
  • आस-पास की सफाई: घर और स्कूल के आस-पास कूड़ा न फेंकें और नालियों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।

​याद रखें (एक नजर में)

रोग का नामफैलने का कारणमुख्य लक्षण
मलेरियामादा एनोफिलीज मच्छरठंड लगकर तेज बुखार आना
हैजादूषित जल/भोजनलगातार उल्टी और दस्त होना
जुकामछींकने या हवा द्वारानाक बहना, गले में खराश

​2. अभावजन्य रोग (Deficiency Diseases)

अभावजन्य रोग वे बीमारियाँ हैं जो हमारे शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी के कारण होती हैं।

​यहाँ इसका विस्तृत विवरण दिया गया है:

​अभावजन्य रोग (Deficiency Diseases) किसे कहते हैं?

​जब हम लंबे समय तक अपने भोजन में किसी विशेष पोषक तत्व (जैसे- विटामिन, खनिज या प्रोटीन) को शामिल नहीं करते हैं, तो हमारा शरीर कमजोर होने लगता है और उसमें विशिष्ट लक्षण दिखने लगते हैं। पोषक तत्वों के इसी अभाव (कमी) से होने वाले रोगों को अभावजन्य रोग कहते हैं।

​ये बीमारियाँ संक्रामक रोगों की तरह एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलतीं।

​प्रमुख अभावजन्य रोग और उनके लक्षण

पोषक तत्वरोग का नाममुख्य लक्षण
विटामिन Aरतौंधीरात में या कम रोशनी में ठीक से दिखाई न देना।
विटामिन Bबेरी-बेरीकमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और जल्दी थकान होना।
विटामिन Cस्कर्वीमसूड़ों से खून आना और घावों का जल्दी न भरना।
विटामिन Dरिकेट्स (सूखा रोग)हड्डियाँ कमजोर और टेढ़ी हो जाना।
आयोडीनघेंघा (Goitre)गले की ग्रंथि का फूल जाना, मानसिक विकास रुकना।
लोहा (Iron)एनीमिया (रक्ताल्पता)खून की कमी, चेहरा पीला पड़ना और कमजोरी।
प्रोटीनक्वाशियोरकर/कुपोषणबच्चे का पेट फूलना, हाथ-पैर सूखना और विकास रुकना।

बचाव के उपाय

​इन रोगों से बचना बहुत आसान है क्योंकि इनका मुख्य कारण “गलत खान-पान” है।

  1. संतुलित आहार (Balanced Diet): अपने भोजन में सभी पोषक तत्वों को शामिल करें। दाल, रोटी, हरी सब्जियां, फल और दूध का सेवन नियमित रूप से करें।
  2. विविधता: हर रोज एक ही तरह का खाना न खाएं। अलग-अलग रंगों की सब्जियां और फल खाएं।
  3. स्वच्छता और पकाना: भोजन को बहुत अधिक न पकाएं क्योंकि इससे विटामिन नष्ट हो जाते हैं। सब्जियों को काटकर धोने के बजाय धोकर काटें।
  4. प्राकृतिक स्रोत: विटामिन D के लिए सुबह की हल्की धूप लें। आयोडीन की कमी से बचने के लिए आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करें।
  5. अंकुरित अनाज: अंकुरित चना और मूंग खाने से शरीर को विटामिन और प्रोटीन भरपूर मात्रा में मिलते हैं।
  6. याद रखने योग्य सूत्र:
    ​”पोषक तत्व जो हमने छोड़े, रोगों ने हमसे नाते जोड़े।
    यदि खाएंगे हम संतुलित आहार, तो बीमारी मानेगी हार।”

स्वस्थ रहने के लिए अच्छी आदतें

  1. साफ सफाई: खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोना।
  2. स्वच्छ जल: हमेशा शुद्ध और ढका हुआ पानी पीना।
  3. व्यायाम: रोज खेल-कूद और योगाभ्यास करना।
  4. टीकाकरण: समय पर जरूरी टीके (Vaccination) लगवाना।
विज्ञान मास्टर – रैंडम क्विज

विज्ञान मास्टर: भोजन एवं स्वास्थ्य 🍎

नामों को उठाकर सही जगह पर सेट करें। हर बार नए प्रश्न मिलेंगे!

बीमारी/पोषक तत्व
कारण या माध्यम

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