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किन्नौर देश की ओर – सम्पूर्ण अध्याय

किन्नौर देश की ओर

कक्षा 5 | वाटिका | सम्पूर्ण अभ्यास

📚 शब्दार्थ (Word Meanings)
किन्नौर देशहिमाचल प्रदेश का एक रमणीक भाग
अभ्यस्तजिसे अभ्यास हो, कुशल
ठमकनाचलते-चलते रुक-रुक जाना
खानाबदोशजिनका कोई घर या ठौर-ठिकाना न हो
निर्द्वंद्वबिना द्वंद्व के (बिना लड़ाई-झगड़े के)
सत्कारआदर-सम्मान
अत्युक्तिबढ़ा-चढ़ा कर कहना
भार्यापत्नी
गतदशा
महात्म्यमहत्त्व
चश्माझरना
1. बोध प्रश्न : उत्तर (Question & Answer)
(क) लेखक ने यात्रा में यातायात के किस साधन का उपयोग किया और क्यों?
उत्तर: लेखक ने यात्रा में खच्चर और घोड़े का उपयोग किया। ऐसा इसलिए किया क्योंकि पहाड़ में अकेला खच्चर सामान नहीं ले जा सकता था, इसलिए सामान के लिए दो खच्चर और सवारी के लिए घोड़े का प्रबंध किया गया।
(ख) थोड़ी दूर चलते ही क्या घटना घटी और इससे लेखक के किस गुण का पता चलता है?
उत्तर: थोड़ी दूर चलते ही घोड़ा ठमकने (रुकने) लगा क्योंकि उसकी पीठ कटी हुई थी। यह जानकर लेखक ने तुरंत घोड़ा बदल दिया और खुद पैदल चलने लगे। इससे लेखक की संवेदनशीलता और जीवों के प्रति दयालुता का पता चलता है।
(ग) सराहन के डाक बंगले पर पहुँचते समय लेखक की दशा का वर्णन कीजिए।
उत्तर: सराहन पहुँचते समय लेखक थके हुए थे। धूप तेज थी और रास्ता कठिन चढ़ाई वाला था। भूख भी लगी थी, फिर भी वे 21 मील की यात्रा करके सूर्यास्त के समय बंगले पर पहुँच गए।
(घ) देवदारों के घने वन में चलते समय लेखक के मन में क्या-क्या विचार आ रहे थे?
उत्तर: लेखक सोच रहे थे कि यह घोर जंगल है और यहाँ भालू बहुत होते हैं। यदि भालू आ जाए तो क्या होगा? उन्हें डर था कि कहीं नींद में भालू सपने में न आ जाए।
(ङ) लेखक ने किन्नौर प्रदेश की स्त्रियों के पहनावे की क्या विशेषताएँ बताई हैं?
उत्तर: वहाँ की स्त्रियाँ ‘उर्ण सारी’ पहनती हैं, जो साड़ी नहीं बल्कि एक ऊनी कंबल जैसा होता है। वे इसे काँटे से पहनती हैं जिससे पूरा शरीर ढक जाता है। वे पुरुषों की तरह टोपी भी लगाती हैं।
2. सोच-विचार (Critical Thinking)
(क) यदि आपको कभी पहाड़ों पर जाने का अवसर मिले तो आप क्या तैयारी करेंगे?
उत्तर (उदाहरण): हम ऊनी कपड़े (स्वेटर, जैकेट), मजबूत जूते, टॉर्च, सूखा नाश्ता, पानी की बोतल और आवश्यक दवाइयाँ साथ रखेंगे। मौसम की जानकारी पहले से ले लेंगे।
(ख) पहाड़ी जनजीवन और मैदानी जनजीवन में क्या समानता और क्या अंतर है?
अंतर: पहाड़ी जीवन कठिन होता है, रास्ते उबड़-खाबड़ होते हैं, घर लकड़ी-पत्थर के होते हैं। मैदानी जीवन में समतल रास्ते और पक्के मकान होते हैं, यातायात आसान होता है।
समानता: दोनों जगह के लोग मेहनती होते हैं और अपने-अपने त्योहार व संस्कृति को मानते हैं।
3. अनुमान और कल्पना
(क) यदि रास्ते में खच्चर बीमार हो जाता तो लेखक अपनी यात्रा कैसे पूरी करते?
उत्तर: यदि खच्चर बीमार हो जाता, तो लेखक को किसी गाँव से दूसरे खच्चर या कुली (सामान ढोने वाले व्यक्ति) का प्रबंध करना पड़ता या अपनी यात्रा कुछ समय के लिए रोकनी पड़ती।
(ख) लेखक को देवदार के सघन वन में चलने में बड़ा आनंद आ रहा था, क्यों?
उत्तर: क्योंकि देवदार के वन बहुत सुंदर, हरे-भरे और शांत थे। वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और ठंडी हवा लेखक को सुखद अनुभव दे रही थी।
4. भाषा के रंग (Grammar & Language)

(क) शब्दों का प्रयोग:

नीचे दिए गए शब्दों को अपनी कॉपी में लिखें: सांकृत्यायन, विद्याधर, निर्द्वंद्व, महात्म्य, मान्योरी, क्वार्टर, ग्यगर, वाङ्तू, अत्युक्ति।

(ख) वाक्य पूरा कीजिए (सही मिलान):

  • बिजली → चमकने लगी।
  • घोड़ा → ठमकने लगा।
  • पानी → बरसने लगा / बहने लगा।
  • पक्षी → चहचहाने लगे।
  • कुत्ते → भौंकने लगे।
  • कोयल → कूकने लगी।
  • बादल → गरजने लगे।
  • मेढक → टर्राने लगे।

(ग) वाक्यों में प्रयोग (उदाहरण):

  • अकेला: राम जंगल में अकेला जा रहा था।
  • निश्चिंत: परीक्षा खत्म होने पर मैं निश्चिंत हो गया।
  • विश्राम: यात्री पेड़ के नीचे विश्राम कर रहे हैं।
  • अभ्यस्त: वह सुबह जल्दी उठने का अभ्यस्त है।
  • हिमालय: हिमालय भारत का प्रहरी है।

(घ) वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए:

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
ले नहीं जाया जा सकता पहाड़ में अकेला खच्चर।पहाड़ में अकेला खच्चर नहीं ले जाया जा सकता।
मालूम हुआ मेला गए हुए हैं चौकीदार साहब।मालूम हुआ चौकीदार साहब मेला गए हुए हैं।
धीरे-धीरे आगे बढे हम।हम धीरे-धीरे आगे बढ़े।

(ङ) विलोम शब्द (Antonyms):

ऊँची ↔ नीची
रात ↔ दिन
आगे ↔ पीछे
आस ↔ पास
अंदर ↔ बाहर
राजा ↔ रानी
गतिविधियाँ (Activities: Q5, Q6, Q7, Q8)
5. तुम्हारी कलम से (यात्रा वर्णन उदाहरण)
(उदाहरण उत्तर)
कहाँ गए थे? पिछले महीने हम नैनीताल गए थे।
तैयारियाँ: हमने ऊनी कपड़े और कैमरे साथ लिए थे।
साधन: हम बस और टैक्सी से गए थे।
क्या देखा? हमने नैनी झील, ऊँचे पहाड़ और बादल देखे।
खास बातें: वहाँ की हवा बहुत ताजी थी और झील में नौका विहार (Boating) करना सबसे अच्छा लगा।
6. अब करने की बारी (मानचित्र कार्य)
लेखक ने जिन स्थानों की यात्रा की (जैसे – रामपुर, गौरा, सराहन, नचार), उन्हें हिमाचल प्रदेश के मानचित्र में ढूँढने का प्रयास करें। अपने दोस्तों से पूछें कि क्या उन्होंने कभी पहाड़ी यात्रा की है।
7. मेरे दो प्रश्न (पाठ के आधार पर)
(छात्र ये प्रश्न बना सकते हैं)
1. लेखक ने घोड़े को क्यों बदला?
2. किन्नौर देश की स्त्रियाँ टोपी क्यों लगाती हैं?
8. इस पाठ से (आत्म-चिंतन)
(क) मैंने सीखा: मैंने सीखा कि यात्रा में हमें धैर्य रखना चाहिए और बेजुबान जानवरों के प्रति दयालु होना चाहिए।
(ख) मैं करूँगी/करूँगा: मैं जब भी कहीं घूमने जाऊँगा, वहाँ की संस्कृति का सम्मान करूँगा और जानवरों को तंग नहीं करूँगा।
2 thought on “कक्षा 5 हिंदी (वाटिका) पाठ 19 किन्नौर देश की ओर जनवरी माह पाठ्यक्रम, पूरे पाठ का हल”
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