यह भारत की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना होगी।
जनगणना का नाम और क्रम
- यह भारत की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना होगी।
- इसे आधिकारिक तौर पर “जनगणना 2027” (Census 2027) के रूप में जाना जाएगा, क्योंकि मुख्य जनसंख्या गणना 2027 में होगी।
2. समय सारिणी (Schedule)
यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी:
- प्रथम चरण (अप्रैल 2026 – सितंबर 2026): इस दौरान ‘मकान सूचीकरण’ (House-listing) और आवासों की गणना की जाएगी।
- द्वितीय चरण (फरवरी 2027): इस चरण में वास्तविक ‘जनसंख्या गणना’ (Population Enumeration) होगी। 1 मार्च, 2027 इसकी संदर्भ तिथि (Reference Date) होगी।
- बर्फीले क्षेत्र: लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में यह गणना अक्टूबर 2026 में ही शुरू हो जाएगी।
3. प्रमुख विशेषताएं (New Features)
- भारत की पहली डिजिटल जनगणना: यह पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस होगी। डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप्स और सीएमएमएस (CMMS) पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
- स्व-गणना (Self-Enumeration): नागरिकों के पास खुद से ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प भी होगा।
- जाति जनगणना (Caste Census): इस बार 1931 के बाद पहली बार व्यापक स्तर पर जाति आधारित डेटा भी जुटाया जाएगा।
प्रस्तावना: 21वीं सदी की आधुनिक जनगणना
भारत में जनगणना केवल एक सांख्यिकीय अभ्यास नहीं है, बल्कि यह दुनिया का सबसे बड़ा प्रशासनिक कार्य है। आगामी 16वीं जनगणना (स्वतंत्रता के बाद 8वीं) कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है। कोरोना महामारी (COVID-19) के कारण 2021 में होने वाली इस गणना में देरी हुई, लेकिन अब यह डिजिटल इंडिया के संकल्प के साथ नए कलेवर में हमारे सामने है।
डिजिटल जनगणना: कागज से ऐप तक का सफर
16वीं जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल (Paperless) होना है।
- मोबाइल ऐप का उपयोग: प्रगणक (Enumerators) अब भारी-भरकम रजिस्टरों के बजाय अपने स्मार्टफोन या टैबलेट पर डेटा दर्ज करेंगे।
- स्व-गणना (Self-Enumeration): भारत के इतिहास में पहली बार नागरिकों को यह विकल्प दिया जाएगा कि वे स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी भर सकें।
- त्वरित परिणाम: डिजिटल डेटा होने के कारण, अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाला समय कई वर्षों से घटकर कुछ महीनों में सिमट जाएगा।
16वीं जनगणना के दो मुख्य चरण
जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसे दो चरणों में विभाजित किया गया है:
- प्रथम चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना): यह चरण अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। इसमें घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों का विवरण लिया जाएगा।
- द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): यह मुख्य चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें व्यक्तियों की व्यक्तिगत जानकारी जैसे शिक्षा, धर्म, भाषा और व्यवसाय का विवरण लिया जाएगा। 1 मार्च 2027 को इसकी ‘रेफरेंस डेट’ माना गया है।
जाति आधारित जनगणना: एक नया आयाम
16वीं जनगणना में एक महत्वपूर्ण बदलाव जातिगत डेटा (Caste Data) का संग्रहण है। 1931 के बाद यह पहली बार होगा जब इतने व्यापक स्तर पर सामाजिक-आर्थिक और जातिगत स्थिति का डेटा मुख्य जनगणना के साथ ही संकलित करने की योजना है। इससे भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं को अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
🇮🇳 16वीं डिजिटल जनगणना महा-क्विज 🇮🇳
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