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पाठ 16: स्वशासन – डिजिटल शिक्षा

पाठ 16: स्वशासन

पर्यावरण – कक्षा 4

प्रश्न (क): पंचायती राज व्यवस्था के कितने स्तर होते हैं?

उत्तर: पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर होते हैं – 1. ग्राम पंचायत, 2. क्षेत्र पंचायत और 3. जिला पंचायत।

प्रश्न (ख): ग्राम पंचायत के प्रमुख को क्या कहते हैं?

उत्तर: ग्राम पंचायत के प्रमुख को ‘ग्राम प्रधान’ कहा जाता है। इनका चुनाव 5 वर्ष के लिए होता है।

प्रश्न (ग): नगर निगम के प्रमुख को क्या कहते हैं?

उत्तर: नगर निगम के प्रमुख को ‘महापौर’ या ‘मेयर’ कहते हैं।

प्रश्न (घ): जिलाधिकारी के क्या कार्य हैं?

उत्तर: जिलाधिकारी जिले में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखते हैं और भूमि माप व लगान की वसूली का कार्य करते हैं।

महत्वपूर्ण जानकारी

  • ग्राम पंचायत का चुनाव 5 वर्ष के लिए होता है।
  • जिले का सबसे बड़ा अधिकारी जिलाधिकारी (DM) होता है।
  • स्वास्थ्य सुविधाओं की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की होती है।

ग्राम पंचायत के कुछ महत्वपूर्ण कार्य



ग्राम पंचायत के कार्य

🏡 ग्राम पंचायत के मुख्य कार्य

बिंदु पर क्लिक करें और आवाज सुनें

1. पीने के पानी की व्यवस्था करना।▶

2. नाली और खड़ंजे (सड़क) बनवाना।▶

3. गाँव की साफ-सफाई करवाना।▶

4. जन्म और मृत्यु का हिसाब रखना।▶

5. खेती और पशुपालन का विकास।▶

6. पढ़ाई-लिखाई और आँगनबाड़ी की देखरेख।▶

💡 याद रखें: ग्राम पंचायत का चुनाव 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग वोट देकर करते हैं।

क्षेत्र पंचायत के कुछ महत्वपूर्ण कार्य



क्षेत्र पंचायत के कार्य

🏢 क्षेत्र पंचायत के मुख्य कार्य

बिंदु को छुएं और कार्य के बारे में सुनें

💧

शुद्ध पेयजल (पीने के पानी) की व्यवस्था।

🔊

🛣️

सड़कों का निर्माण और रखरखाव।

🔊

🌳

वृक्षारोपण (पेड़ लगाना) कार्यक्रम।

🔊

🌾

कृषि योग्य भूमि का विकास।

🔊

📋

ग्राम पंचायतों के कार्यों की निगरानी।

🔊

मुख्य जानकारी: कई ग्राम पंचायतों को मिलाकर एक क्षेत्र पंचायत बनती है। इसके प्रमुख को ‘ब्लॉक प्रमुख’ कहा जाता है।

जिला पंचायत के कुछ महत्वपूर्ण कार्य कार्य



जिला पंचायत के कार्य

🏆 जिला पंचायत के 10 मुख्य कार्य

बिंदु को छुएं और उसकी आवाज़ सुनें

1

जिले के विकास के लिए योजनाएं बनाना।

2

पंचायतों के बीच तालमेल बिठाना।

3

मुख्य ग्रामीण सड़कों और पुलों का निर्माण।

4

पेयजल की बड़ी योजनाओं का संचालन।

5

शिक्षा और स्कूलों की व्यवस्था में सुधार।

6

खेती और बागवानी को बढ़ावा देना।

7

पशु चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की देखरेख।

8

विकास कार्यों के लिए धन का आवंटन करना।

9

वृक्षारोपण और पर्यावरण की रक्षा।

10

पिछड़े वर्गों और महिलाओं का कल्याण।

नोट: जिला पंचायत का मुखिया ‘जिला पंचायत अध्यक्ष’ कहलाता है।

नगर पंचायत के कुछ महत्वपूर्ण कार्य



नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्य

🏙️ नगर पंचायत अध्यक्ष के 10 कार्य

बिंदु पर टच करें और कार्य सुनें

🚰स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।🔊

💡स्ट्रीट लाइट और बिजली प्रबंध।🔊

🧹सफाई और कूड़ा प्रबंधन।🔊

🛣️सड़क और नाली निर्माण।🔊

📝जन्म-मृत्यु पंजीकरण।🔊

🛒बाजारों की व्यवस्था।🔊

🌳पार्क और बगीचों का विकास।🔊

💉स्वास्थ्य और टीकाकरण सेवाएं।🔊

🚒अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) सेवा।🔊

🐄पशु आश्रय की व्यवस्था।🔊

नगर पंचायत का अध्यक्ष सीधे जनता द्वारा चुना जाता है।

नगरपालिका परिषद के कुछ महत्वपूर्ण कार्य



नगरपालिका परिषद के कार्य

🏢 नगरपालिका परिषद के 10 कार्य

कार्य पर टच करें और जानकारी सुनें

1

शहर की सफाई व्यवस्था करना।

2

पीने के शुद्ध पानी का प्रबंध।

3

सड़कों पर रोशनी (स्ट्रीट लाइट) का इंतजाम।

4

पक्की सड़कों और नालियों का निर्माण।

5

जन्म-मृत्यु पंजीकरण और प्रमाण पत्र।

6

बीमारियों की रोकथाम और टीकाकरण।

7

पुस्तकालय और वाचनालय खोलना।

8

बाजारों की सफाई और नियमन।

9

पार्कों और बगीचों का रख-रखाव।

10

अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) की व्यवस्था।

नगरपालिका परिषद के सदस्यों को ‘पार्षद’ कहते हैं।

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