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कक्षा 5 के स्तर पर संस्कृत अनुवाद सीखना बहुत ही रोचक है। यहाँ कुछ बहुत ही सरल और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले वाक्यों का हिंदी से संस्कृत में अनुवाद दिया गया है:

​1. सर्वनाम और परिचय (Introduction)

​ये वाक्य अक्सर ‘अस्ति’ (है) और ‘अस्मि’ (हूँ) पर आधारित होते हैं।

हिंदी वाक्यसंस्कृत अनुवाद
यह घर है।एतत् गृहम् अस्ति।
वह बालक है।सः बालकः अस्ति।
मैं छात्र हूँ।अहं छात्रः अस्मि।
मेरा नाम राम है।मम नाम रामः अस्ति।
तुम्हारा नाम क्या है?तव नाम किम् अस्ति?

2. वर्तमान काल (Present Tense)

​यहाँ हम सामान्य क्रियाओं (धातुओं) का प्रयोग करते हैं जैसे- पठ् (पढ़ना), गम् (जाना), लिख् (लिखना)।

  • वह पढ़ता है। — सः पठति।
  • वे दोनों पढ़ते हैं। — तौ पठतः।
  • वे सब पढ़ते हैं। — ते पठन्ति।
  • तुम खेलते हो। — त्वं क्रीडसि।
  • हम सब जाते हैं। — वयं गच्छामः।
  • राम लिखता है। — रामः लिखति।

​3. छोटे और उपयोगी वाक्य

​इन वाक्यों का प्रयोग आप कक्षा में या घर पर कर सकते हैं:

  • जल लाओ। — जलं आनय।
  • सत्य बोलो। — सत्यं वद।
  • इधर आओ। — अत्र आगच्छ।
  • वहाँ जाओ। — तत्र गच्छ।
  • फूल सुंदर है। — पुष्पं सुन्दरं अस्ति।

​कुछ मुख्य शब्दार्थ (Keywords)

​अनुवाद करने के लिए इन्हें याद करना बहुत सहायक होता है:

  • सः = वह (पुल्लिंग)
  • सा = वह (स्त्रीलिंग)
  • तत = वह (नपुंसक लिंग)
  • अहं = मैं
  • त्वं = तुम
  • अत्र = यहाँ
  • तत्र = वहाँ
  • किम् = क्या

कक्षा 5 के स्तर पर संस्कृत में अनुवाद करना गणित के फार्मूले की तरह सरल है। यदि आप कुछ बुनियादी नियमों को समझ लेते हैं, तो आप आसानी से वाक्य बना सकते हैं।

​संस्कृत अनुवाद के तीन मुख्य स्तंभ हैं:

​1. पुरुष और वचन का ज्ञान (Person and Number)

​संस्कृत में तीन वचन और तीन पुरुष होते हैं। अनुवाद करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि जो कर्ता (Subject) का पुरुष और वचन है, वही क्रिया (Verb) का भी होगा।

पुरुषएकवचन (1)द्विवचन (2)बहुवचन (3+)
प्रथम पुरुष (वह/राम)सः (वह)तौ (वे दो)ते (वे सब)
मध्यम पुरुष (तुम)त्वम् (तुम)युवाम् (तुम दो)यूयम् (तुम सब)
उत्तम पुरुष (मैं)अहम् (मैं)आवाम् (हम दो)वयम् (हम सब)

2. क्रिया का नियम (लट् लकार – वर्तमान काल)

​वर्तमान काल के वाक्यों के लिए क्रिया के अंत में ये प्रत्यय जोड़ें:

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुष-ति (पठति)-तः (पठतः)-न्ति (पठन्ति)
मध्यम पुरुष-सि (पठसि)-थः (पठथः)-थ (पठथ)
उत्तम पुरुष-मि (पठामि)-वः (पठावः)-मः (पठामः)

3. अनुवाद का “जादुई फॉर्मूला”

​वाक्य बनाने के लिए कर्ता और क्रिया को उनके स्थान के अनुसार मिलाएं:

  1. वह पढ़ता है: ‘वह’ (सः) प्रथम पुरुष एकवचन है, इसलिए क्रिया भी ‘पठति’ होगी।
    • अनुवाद: सः पठति।
  2. मैं लिखता हूँ: ‘मैं’ (अहम्) उत्तम पुरुष एकवचन है, इसलिए क्रिया ‘लिखामि’ होगी।
    • अनुवाद: अहं लिखामि।
  3. तुम दोनों जाते हो: ‘तुम दोनों’ (युवाम्) मध्यम पुरुष द्विवचन है, इसलिए क्रिया ‘गच्छथः’ होगी।
    • अनुवाद: युवां गच्छथः।

​4. लिंग का ध्यान (Gender)

​संस्कृत में ‘वह’ के लिए लिंग के अनुसार शब्द बदल जाते हैं:

  • पुल्लिंग: सः (वह बालक)
  • स्त्रीलिंग: सा (वह बालिका)
  • नपुंसकलिंग: तत् (वह फल/घर)

​छोटे वाक्यों के अभ्यास के लिए उदाहरण:

  • सीता खाना खाती है: सीता भोजनं खादति। (नाम हमेशा प्रथम पुरुष होता है)
  • हम सब खेलते हैं: वयं क्रीडामः।
  • वे सब दौड़ते हैं: ते धावन्ति।
संस्कृत अनुवाद अभ्यास – कक्षा 5

संस्कृत अनुवाद नियम

अनुवाद के सूत्र:
  • प्रथम पुरुष: सः/सा/रामः + -ति
  • मध्यम पुरुष: त्वम् + -सि
  • उत्तम पुरुष: अहम् + -मि

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