हम और हमारी फसलें – सारांश
1. मिट्टी की पहचान
बलुई: बड़े कण, बालू अधिक।
चिकनी: छोटे कण, पानी सोखने की क्षमता अधिक।
दोमट: सभी मिट्टियों का मिश्रण, खेती के लिए उत्तम।
2. फसलों का समय
- खरीफ: जुलाई से नवंबर (धान, मक्का)
- रबी: नवंबर से अप्रैल (गेहूं, मटर)
- जायद: अप्रैल से जुलाई (तरबूज, ककड़ी)
3. आधुनिक कृषि यंत्र
पहले खेती बैलों से होती थी, अब ट्रैक्टर, थ्रेशर और कम्बाइन हार्वेस्टर का उपयोग होता है जिससे समय और श्रम की बचत होती है।
1. मिट्टी के प्रकार और फसलें
फसल उगाने के लिए सबसे पहले मिट्टी की पहचान जरूरी है। मिट्टी के कणों और उसमें पानी सोखने की क्षमता के आधार पर इसे बांटा गया है:
| मिट्टी का प्रकार | पहचान | मुख्य फसलें |
|---|---|---|
| बलुई मिट्टी | बड़े कण, बालू की मात्रा अधिक। | तरबूज, खरबूजा, बाजरा। |
| चिकनी मिट्टी | बहुत बारीक कण, पानी रोकने की क्षमता अधिक। | गेहूँ, चना, मटर, धान। |
| दोमट मिट्टी | बलुई, चिकनी और सिल्ट मिट्टी का मिश्रण। | धान, कपास, गन्ना। |
2. फसलों का वर्गीकरण (मौसम के अनुसार)
भारत में ऋतुओं के आधार पर फसलों को तीन मुख्य भागों में बांटा गया है:
- खरीफ की फसल: यह वर्षा ऋतु (जुलाई-अगस्त) में बोई जाती है और जाड़े के शुरू (नवंबर) में काटी जाती है।
- उदाहरण: धान, मक्का, ज्वार, बाजरा।
- रबी की फसल: यह जाड़े के शुरू (नवंबर) में बोई जाती है और गर्मी के शुरू (अप्रैल) में काटी जाती है।
- उदाहरण: गेहूँ, जौ, चना, सरसों।
- जायद की फसल: यह गर्मी के शुरू (अप्रैल) में बोई जाती है और वर्षा ऋतु के शुरू (जुलाई) में काटी जाती है।
- उदाहरण: ककड़ी, खरबूजा, तरबूज, सब्जियाँ।
3. सिंचाई: परिभाषा और साधन
परिभाषा: “पौधों की उत्तम वृद्धि एवं विकास के लिए कृत्रिम विधि (Artificial Method) से जल देने की प्रक्रिया सिंचाई कहलाती है।”
सिंचाई के साधन:
- प्राचीन साधन: बेड़ी, ढेकली, मोट (घिरनी), रहट।
- आधुनिक तकनीक:
- ड्रिप (टपक) सिंचाई: इसमें पानी पाइपों के द्वारा सीधे पौधों की जड़ों में बूंद-बूंद करके डाला जाता है। यह फलों और सब्जियों के लिए उत्तम है। * स्प्रिंकलर (छिड़काव) सिंचाई: इसमें फव्वारे की तरह पानी का छिड़काव किया जाता है। यह बलुई मिट्टी और गेहूँ जैसी फसलों के लिए उपयोगी है।
4. खाद के प्रकार: जैविक बनाम रासायनिक
मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए किसान खाद का प्रयोग करते हैं:
- जैविक खाद (Organic Manure): यह प्राकृतिक होती है जैसे गोबर की खाद, कम्पोस्ट (सड़ी-गली सब्जियां), और केंचुए से तैयार वर्मी कम्पोस्ट। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता।
- रासायनिक खाद (Chemical Fertilizer): यह कारखानों में बनती है जैसे यूरिया, डी.ए.पी.। इससे शुरू में उपज बढ़ती है, लेकिन अधिक प्रयोग से भूमि बंजर होने लगती है।
5. कृषि प्रक्रिया: प्राचीन और नवीन (परिवर्तन)
समय के साथ खेती करने के तरीकों में भारी बदलाव आया है, जिसे नीचे दी गई तालिका और चित्रों के माध्यम से समझा जा सकता है:
| प्रक्रिया | प्राचीन तरीका (Traditional) | आधुनिक तरीका (Modern) |
|---|---|---|
| जुताई | बैलों और हल के द्वारा। | ट्रैक्टर और कल्टीवेटर द्वारा। |
| बुआई | हाथों से छिड़क कर। | ‘सीड ड्रिल’ मशीन द्वारा। |
| कटाई | हंसिया (Manual) द्वारा। | कंबाइन हार्वेस्टर द्वारा। |
| मड़ाई/ओसाई | बैलों के पैरों से या हवा की मदद से। | थ्रेशर मशीनों द्वारा। |
हरित क्रांति (Green Revolution): वर्ष 1966-77 में खेती के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति आई। इसका उद्देश्य अच्छे बीज, आधुनिक यंत्रों और खाद के प्रयोग से कृषि उत्पादन में तीव्र वृद्धि करना था।
6. फसल की सुरक्षा और भंडारण
- सुरक्षा: फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कँटीली झाड़ियाँ या बाड़ लगाई जाती है। कीटों से बचाने के लिए ‘कीटनाशक’ (Pesticides) का प्रयोग होता है।
- भंडारण: कटाई के बाद अनाज को धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है ताकि नमी खत्म हो जाए और कीड़े न लगें, फिर इसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है।
1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए—
- प्रश्न: गेहूं और चने की बुआई किस मौसम में की जाती है?
- उत्तर: गेहूं और चने की बुआई जाड़े के प्रारम्भ (नवम्बर) में की जाती है.
- प्रश्न: टपक एवं छिड़काव सिंचाई पद्धति का प्रयोग कहाँ और क्यों किया जाता है?
- उत्तर: इन पद्धतियों का प्रयोग सूखे या कम वर्षा वाले क्षेत्रों में पानी की बचत करने और अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए किया जाता है. टपक सिंचाई का प्रयोग फल, फूल और सब्जी के लिए होता है, जबकि छिड़काव (स्प्रिंकलर) सिंचाई का प्रयोग गेहूं, मटर जैसी फसलों और बलुई मिट्टी के लिए किया जाता है.
- प्रश्न: पौधों में सिंचाई करने के लिए जल कहाँ-कहाँ से प्राप्त करते हैं?
- उत्तर: किसान सिंचाई के लिए जल तालाब, झील, नदी, कुँओं, नलकूप और नहर आदि से प्राप्त करते हैं.
- प्रश्न: रासायनिक खाद की अपेक्षा जैविक खाद अधिक फायदेमंद है, क्यों?
- उत्तर: जैविक खाद अधिक फायदेमंद है क्योंकि इसके प्रयोग से मिट्टी उपजाऊ होती है और फसल पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है. जबकि रासायनिक खाद के अधिक प्रयोग से शुरू में उपज तो बढ़ती है, पर बाद में भूमि बंजर होने लगती है और भोजन में जहरीले तत्व बढ़ जाते हैं.
2. दिए गए शब्दों से खाली जगह को भरिए—
(दोमट, उपजाऊ, कँटीली झाड़ी, ट्रैक्टर)
- धान की फसल के लिए दोमट मिट्टी अच्छी होती है.
- खाद से मिट्टी अधिक उपजाऊ हो जाती है.
- आजकल खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर का प्रयोग किया जाता है.
- जानवरों से फसलों की रक्षा के लिए कँटीली झाड़ी का प्रयोग किया जाता है.
3. वर्ग पहेली में अनाजों के नाम—
दी गई वर्ग पहेली में निम्नलिखित नाम छिपे हैं (चित्र में कुछ पर गोले बने भी हैं):
- गेहूँ (पहली पंक्ति)
- जौ (पहली पंक्ति)
- मक्का (तीसरी और चौथी पंक्ति मिलाकर – म-क्का)
- मूँग (चौथी पंक्ति)
- चना (चौथी पंक्ति – च-वा-ल के पास से तिरछा या सीधा)
- रागी (दूसरी पंक्ति)
4. आइए करें—
- प्रश्न: किसी फसल को उपजाने में क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है? उन्हें क्रम से लिखें।
- उत्तर: फसल उपजाने का सही क्रम निम्नलिखित है:
- मिट्टी की पहचान करना.
- खेत की जुताई करना.
- खाद डालना.
- बीज बोना (बुआई).
- सिंचाई करना.
- फसल की सुरक्षा (कीटनाशक और बाड़).
- फसल की कटाई.
- मड़ाई और ओसाई.
- भंडारण.
- उत्तर: फसल उपजाने का सही क्रम निम्नलिखित है: