up basic education class 6 physics
भौतिक विज्ञान (Physics) के एक बहुत ही मजेदार चैप्टर की ओर चलते हैं, जो आपके रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा है: “विद्युत तथा परिपथ” (Electricity and Circuits)।
इस अध्याय में हम समझते हैं कि हमारे घर में बल्ब कैसे जलता है और सेल कैसे काम करता है।
1. विद्युत सेल (Electric Cell)
विद्युत सेल बिजली का एक स्रोत है।
- बनावट: इसके एक तरफ धातु की टोपी होती है जिसे धनात्मक सिरा (+) कहते हैं, और दूसरी तरफ धातु की डिस्क होती है जिसे ऋणात्मक सिरा (-) कहते हैं।
- काम कैसे करता है?: इसके अंदर कुछ रसायन (Chemicals) भरे होते हैं। जब ये रसायन आपस में क्रिया करते हैं, तो बिजली पैदा होती है। जब रसायन खत्म हो जाते हैं, तो सेल काम करना बंद कर देता है।
2. विद्युत परिपथ (Electric Circuit)
बिजली जिस रास्ते से होकर बहती है, उसे ‘परिपथ’ कहते हैं।
- एक पूरे परिपथ में बिजली हमेशा सेल के धनात्मक (+) टर्मिनल से निकलकर ऋणात्मक (-) टर्मिनल की ओर बहती है।
- अगर तार कहीं से टूट जाए, तो परिपथ ‘खुला’ (Open) कहलाता है और बल्ब नहीं जलता।

3. विद्युत स्विच (Electric Switch)
स्विच एक सरल युक्ति है जो परिपथ को जोड़ने (On) या तोड़ने (Off) के काम आती है।
- जब स्विच ‘On’ होता है, तो रास्ता पूरा हो जाता है।
- जब स्विच ‘Off’ होता है, तो रास्ता बीच में से टूट जाता है और बिजली का प्रवाह रुक जाता है।
4. चालक और विद्युत-रोधक (Conductors and Insulators)
पदार्थों को इस आधार पर दो भागों में बाँटा जा सकता है कि वे बिजली को अपने अंदर से जाने देते हैं या नहीं:
| पदार्थ का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| विद्युत-चालक (Conductors) | जो अपने अंदर से बिजली को बहने देते हैं। | ताँबा, लोहा, एल्युमिनियम, अशुद्ध पानी। |
| विद्युत-रोधक (Insulators) | जो अपने अंदर से बिजली को नहीं बहने देते। | रबर, प्लास्टिक, लकड़ी, काँच। |
चेतावनी: हमारा शरीर बिजली का बहुत अच्छा चालक है, इसलिए हमें नंगे तारों को कभी नहीं छूना चाहिए!
एक छोटा सा प्रयोग:
क्या आप जानते हैं कि अगर आप एक तार, एक सेल और एक छोटे बल्ब को जोड़ें, तो बल्ब तभी जलेगा जब दोनों तार सेल के अलग-अलग सिरों से जुड़े हों?
1. विद्युत बल्ब की आंतरिक संरचना
बल्ब के अंदर क्या होता है जो उसे चमकदार बनाता है?

- तंतु (Filament): बल्ब के बीच में एक पतला तार होता है जो गर्म होकर प्रकाश देता है। यह आमतौर पर टंगस्टन धातु का बना होता है।
- टर्मिनल: बल्ब के निचले हिस्से पर दो टर्मिनल होते हैं। जब हम इन्हें सेल से जोड़ते हैं, तभी बिजली तंतु से होकर गुजरती है।
- फ्यूज्ड बल्ब (Fused Bulb): अगर बल्ब का तंतु टूट जाए, तो परिपथ अधूरा हो जाता है और बल्ब नहीं जलता। इसे ही हम ‘बल्ब फ्यूज होना’ कहते हैं।
2. विद्युत परिपथ के प्रकार (Types of Circuits)
विद्युत प्रवाह के आधार पर परिपथ दो तरह के हो सकते हैं:
- बंद परिपथ (Closed Circuit): जब स्विच ‘ON’ होता है और तार कहीं से भी टूटा नहीं होता। इसमें बिजली बहती है और उपकरण (जैसे बल्ब) काम करता है।
- खुला परिपथ (Open Circuit): जब स्विच ‘OFF’ हो या तार कहीं से कटा हो। इसमें बिजली का प्रवाह रुक जाता है।
3. टॉर्च की कार्यप्रणाली
एक साधारण टॉर्च में सेल, स्विच, बल्ब और परावर्तक (Reflector) होते हैं।
- जब हम स्विच को आगे खिसकाते हैं, तो यह सेल और बल्ब के बीच के संपर्क को पूरा कर देता है।
- टॉर्च के अंदर एक परावर्तक लगा होता है जो बल्ब की रोशनी को एक सीधी किरण (Beam) के रूप में आगे भेजता है।
4. चालक और विद्युत-रोधक का महत्व
हमने पढ़ा कि चालक (Conductors) बिजली ले जाते हैं और रोधक (Insulators) उसे रोकते हैं। इनका सही तालमेल बहुत जरूरी है:
- तार: बिजली के तार तांबे (Copper) के बने होते हैं क्योंकि वह एक अच्छा चालक है।
- प्लास्टिक कोटिंग: तारों के ऊपर प्लास्टिक या रबर की परत होती है क्योंकि वे विद्युत-रोधक होते हैं। यह हमें बिजली के झटके (Shock) से बचाती है।
- पेचकस और प्लास: बिजली मिस्त्री के औजारों के हत्थों पर हमेशा प्लास्टिक या लकड़ी लगी होती है ताकि काम करते समय उन्हें करंट न लगे।
5. सावधानी (Safety Rules)
- कभी भी घर के बिजली के सॉकेट में अपनी उंगलियां या धातु की चीजें न डालें।
- गीले हाथों से बिजली के स्विच को कभी न छुएं, क्योंकि पानी में अशुद्धियां होने के कारण वह बिजली का सुचालक बन सकता है।
- बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के पास कभी न खेलें।
एक छोटा सा सवाल आपके लिए:
यदि आप एक परिपथ में तांबे के तार की जगह सूती धागे का इस्तेमाल करें, तो क्या बल्ब जलेगा? सोचिए!
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type)
प्रश्न 1: विद्युत सेल के कितने टर्मिनल होते हैं?
उत्तर: विद्युत सेल के दो टर्मिनल होते हैं: धनात्मक (+) और ऋणात्मक (-)।
प्रश्न 2: विद्युत बल्ब का वह भाग कौन सा है जो प्रकाश उत्सर्जित करता है?
उत्तर: बल्ब के भीतर लगा एक पतला तार, जिसे तंतु (Filament) कहते हैं, गर्म होकर प्रकाश देता है।
प्रश्न 3: विद्युत परिपथ में ‘स्विच’ का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: स्विच का कार्य विद्युत परिपथ को अपनी इच्छाशक्ति के अनुसार ‘जोड़ना’ (ON) या ‘तोड़ना’ (OFF) है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type)
प्रश्न 4: विद्युत-चालक और विद्युत-रोधक में क्या अंतर है? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
उत्तर: * विद्युत-चालक (Conductors): वे पदार्थ जो अपने अंदर से विद्युत धारा को प्रवाहित होने देते हैं। जैसे: ताँबा, लोहा, एल्युमिनियम।
- विद्युत-रोधक (Insulators): वे पदार्थ जो अपने अंदर से विद्युत धारा को प्रवाहित नहीं होने देते। जैसे: रबर, लकड़ी, प्लास्टिक।
प्रश्न 5: एक ‘फ्यूज’ (Fused) बल्ब क्यों नहीं जलता?
उत्तर: जब बल्ब का तंतु (Filament) टूट जाता है, तो विद्युत परिपथ ‘खंडित’ या ‘अधूरा’ हो जाता है। परिपथ पूरा न होने के कारण विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो पाती और बल्ब नहीं जलता।
विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type)
प्रश्न 6: एक साधारण विद्युत परिपथ का चित्र बनाकर उसकी कार्यप्रणाली समझाइए।
उत्तर: एक साधारण परिपथ में निम्नलिखित भाग होते हैं:
- विद्युत सेल: बिजली का स्रोत।
- बल्ब: जो प्रकाश देता है।
- तार: जो सेल और बल्ब को जोड़ते हैं।
- स्विच: प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए।
कार्यप्रणाली: जब स्विच ‘ON’ की स्थिति में होता है, तो विद्युत धारा सेल के धनात्मक (+) टर्मिनल से शुरू होकर बल्ब के तंतु से गुजरती हुई ऋणात्मक (-) टर्मिनल तक पहुँचती है। यह एक ‘बंद परिपथ’ बनाता है जिससे बल्ब जलने लगता है।
प्रश्न 7: बिजली के तारों के ऊपर प्लास्टिक का आवरण क्यों चढ़ाया जाता है?
उत्तर: ताँबे के तार विद्युत के सुचालक होते हैं। यदि हम उन्हें नंगे हाथों से छुएंगे, तो हमें करंट लग सकता है क्योंकि हमारा शरीर भी विद्युत का सुचालक है। प्लास्टिक एक विद्युत-रोधक (Insulator) है, जो विद्युत धारा को बाहर नहीं आने देता। इसीलिए सुरक्षा के लिए तारों और बिजली के उपकरणों के हत्थों पर प्लास्टिक चढ़ाया जाता है।
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