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प्रस्तुत पाठ “यूनिट 12: लाभदायक एवं हानिकारक पौधे तथा जन्तु” (कक्षा 7, विज्ञान भारती – II) का विस्तृत सारांश और मुख्य विषयों की व्याख्या नीचे दी गई है:

विज्ञान पाठ सारांश – इकाई 12

इकाई 12: लाभदायक एवं हानिकारक पौधे तथा जन्तु

1. हानिकारक पौधे

वे पौधे जो खुजली, जहर या नशा उत्पन्न करते हैं।

  • खुजली: गाजर घास, केवाँच।
  • विषैले: कनेर, मदार (आक)।
  • नशीले: अफीम, भांग, कोकीन।

2. हानिकारक जन्तु

बीमारी फैलाने वाले और फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले जीव।

  • रोग वाहक: मच्छर (मलेरिया), मक्खी (हैजा)।
  • फसल शत्रु: टिड्डी, चूहे, नीलगाय।

3. लाभदायक पौधे

  • औषधि: नीम, तुलसी, सिनकोना।
  • रेशे: कपास, जूट।

4. लाभदायक जन्तु

  • एपीकल्चर: मधुमक्खी पालन (शहद के लिए)।
  • सेरीकल्चर: रेशम कीट पालन।

स्वयं को परखें (Quick Quiz)

रेशम कीट पालन को क्या कहते हैं?

​📖 पाठ का सारांश (Summary)

​यह पाठ हमें हमारे पर्यावरण में मौजूद पौधों और जंतुओं के साथ हमारे संबंधों के बारे में बताता है। मनुष्य प्राचीन काल से ही अपनी आवश्यकताओं (भोजन, कपड़ा, आवास) के लिए इन पर निर्भर रहा है। पाठ में मुख्य रूप से पौधों और जंतुओं को उनके प्रभावों के आधार पर दो श्रेणियों में बाँटा गया है: हानिकारक और लाभदायक। जहाँ कुछ जीव बीमारियाँ फैलाते हैं या फसलों को नष्ट करते हैं, वहीं अन्य हमें भोजन, दवाईयाँ और रेशे प्रदान करते हैं।

​कुछ पौधे मनुष्य और अन्य जीवों के लिए नुकसानदेह होते हैं:

  • खुजली उत्पन्न करने वाले: गजर घास और केवाँच के रोंये त्वचा को छूने पर खुजली पैदा करते हैं।
  • विषैले पौधे: कनेर और मदार (आक) का दूध विषैला होता है।
  • मादक पदार्थ: भांग, पोस्ता और कोको से गांजा, अफीम, मॉर्फिन और कोकीन प्राप्त होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और हृदय रोग या कैंसर का कारण बन सकते हैं।

​जन्तु कई प्रकार से हानि पहुँचाते हैं:

रोग वाहक जन्तु: मच्छर (मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया), घरेलू मक्खी (हैजा, पेचिश), और पिस्सू (प्लेग) जैसे जीव बीमारियाँ फैलाते हैं।

विषैले जन्तु: साँप, बिच्छू, और बर्रे के डंक जानलेवा या कष्टकारी हो सकते हैं।

फसलों के शत्रु: टिड्डी दल फसलों को चट कर जाते हैं, जबकि चूहे अनाज को खाकर और काटकर नुकसान पहुँचाते हैं।

पालतू पशुओं के शत्रु: नीलगाय और जंगली सूअर खड़ी फसलों को नष्ट कर देते हैं।

​पौधों का उपयोग मनुष्य विभिन्न रूपों में करता है:

  • भोजन प्रदान करने वाले: अनाज (गेहूँ, चावल), दालें (अरहर, मूंग), सब्जियाँ और फल।
  • रेशे प्रदान करने वाले: कपास (सूती वस्त्रों के लिए) और जूट (बोरे, रस्सी बनाने के लिए)।
  • औषधीय पौधे: तुलसी (खाँसी), नीम (त्वचा रोग), सर्पगंधा (रक्तचाप), और सिनकोना (मलेरिया की दवा)।
  • इमारती लकड़ी व ईंधन: शीशम, सागौन और साल की लकड़ी से फर्नीचर बनाया जाता है।
  • खाद्य पदार्थ: गाय, भैंस, बकरी से दूध; मुर्गी से अंडे और मांस प्राप्त होता है।
  • मधुमक्खी पालन (एपीकल्चर): इनसे शहद और मोम प्राप्त होता है।
  • मत्स्य पालन: मछलियाँ प्रोटीन का मुख्य स्रोत हैं।
  • रेशम कीट पालन (सेरीकल्चर): रेशम के कीड़ों (शहतूत के पेड़ पर पलने वाले) से कीमती रेशम प्राप्त होता है।
  • लाख कीट: इनसे ‘लाख’ प्राप्त होता है जिससे चूड़ियाँ, पॉलिश और खिलौने बनते हैं।
  • सहायक जन्तु: बैल, घोड़ा, गधा और ऊँट सामान ढोने और कृषि कार्य में मदद करते हैं।

​💡 मुख्य शब्दावली (Key Terms)

शब्दअर्थ
कृषि-कर्मफसलों को उगाना और उपयोगी पशुओं को पालना।
एपीकल्चरशहद के लिए मधुमक्खियों को पालना।
सेरीकल्चररेशम प्राप्त करने के लिए रेशम कीटों को पालना।
मत्स्य पालनबड़े स्तर पर मछलियों का उत्पा

1. सही विकल्प छाँटकर लिखिए

(क) साइट्रस (नींबू जाति) फलों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है –

  • ​(i) विटामिन A
  • ​(ii) विटामिन B
  • (iii) विटामिन C
  • ​(iv) विटामिन D

उत्तर: (iii) विटामिन C

ख) मलेरिया की दवा किस पौधे से प्राप्त होती है?

  • ​(i) नीम
  • (ii) सिनकोना
  • ​(iii) कपास
  • ​(iv) सर्पगंधा

उत्तर: (ii) सिनकोना

ग) रेशा प्रदान करने वाला पौधा नहीं है –

  • (i) नीम
  • ​(ii) कपास
  • ​(iii) जूट
  • ​(iv) नारियल

उत्तर: (i) नीम

घ) सबसे अधिक प्रोटीन पाया जाता है –

  • ​(i) अनाजों में
  • (ii) दालों में
  • ​(iii) फलों में
  • ​(iv) सब्जियों में

उत्तर: (ii) दालों में

​2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

​(क) हरी सब्जियों से विटामिन तथा खनिज लवण प्राप्त होते हैं।

(ख) मच्छरों से मलेरिया तथा डेंगू रोग फैलते हैं।

(ग) शार्क तथा कॉड मछली के यकृत से तेल निकाला जाता है।

(घ) मधुमक्खियों से शहद तथा मोम मिलता

3. सही कथन पर ✅और गलत कथन पर ❎ का चिह्न लगाइए

​(क) मादक-पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। ❎

(ख) रेशम के कीड़े शहतूत के पेड़ पर पाले जाते हैं। ✅

(ग) लाख, पौधे से प्राप्त होती है। ❎ (नोट: लाख कीटों से प्राप्त होती है)

(घ) कुत्ता घर की चौकीदारी करता है।✅

(ङ) सभी जन्तु तथा पौधे लाभदायक होते हैं।❎ (नोट: कुछ हानिकारक भी होते हैं)

​लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

4. हल्दी का प्रयोग खाने में करते हैं। इसका उपयोग और कहाँ किया जाता है?

उत्तर: हल्दी का उपयोग औषधि (antiseptic) के रूप में चोट या घाव भरने, त्वचा की सुंदरता बढ़ाने (उबटन), और धार्मिक कार्यों में किया जाता है।

5. किन्हीं दो हानिकारक पौधों तथा जन्तुओं के नाम लिखिए। वे हमें किस प्रकार हानि पहुँचाते हैं?

उत्तर:

  • पौधे: भांग और धतूरा (इनके सेवन से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और ये विषैले हो सकते हैं)।
  • जन्तु: मच्छर (मलेरिया/डेंगू फैलाते हैं) और चूहे (अनाज बर्बाद करते हैं और प्लेग जैसी बीमारी फैलाते हैं)।

6. नीम अत्यधिक लाभदायक वृक्ष है। उसके विभिन्न भागों के क्या उपयोग हैं? लिखिए।

उत्तर: नीम की दातून दांतों के लिए, पत्तियां कीटों को भगाने और रक्त शुद्ध करने के लिए, तथा नीम का तेल त्वचा रोगों के उपचार में उपयोग किया जाता है।

7. रेशम के कीड़े से रेशम कैसे प्राप्त किया जाता है?

उत्तर: रेशम के कीड़े (लार्वा) अपने चारों ओर लार से एक खोल बनाते हैं जिसे ‘कोकून’ कहते हैं। इन कोकूनों को गर्म पानी में डालकर रेशम के धागे अलग किए जाते हैं।

8. किन्हीं पाँच लाभदायक पौधों तथा जंतुओं के नाम लिखिए तथा बताइए कि वे हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी हैं।

उत्तर:

  • पौधे: तुलसी (औषधि), सागौन (इमारती लकड़ी), कपास (कपड़े), आम (फल), गेहूँ (अनाज)।
  • जन्तु: गाय (दूध), बैल (खेती), मधुमक्खी (शहद), भेड़ (ऊन), घोड़ा (परिवहन)।

9. जन्तु हमारे लिए लाभदायक हैं। इस कथन की पुष्टि कीजिए।

उत्तर: जन्तु हमें भोजन (दूध, मांस, अंडे), वस्त्र (ऊन, रेशम), कृषि कार्य में सहायता और सुरक्षा (कुत्ता) प्रदान करते हैं। पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में भी इनकी बड़ी भूमिका है।

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