भारतीय संविधान के अनुच्छेद 81 में लोक सभा की संरचना का प्रावधान है। इसे ‘लोकप्रिय सदन’ या ‘निम्न सदन’ (Lower House) भी कहा जाता है क्योंकि इसके सदस्य सीधे जनता द्वारा वयस्क मताधिकार के आधार पर चुने जाते हैं। यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का केंद्र बिंदु है।
2. संरचना और सदस्य संख्या
संविधान के अनुसार, लोक सभा की अधिकतम सदस्य संख्या 550 निर्धारित की गई है (104वें संविधान संशोधन के बाद एंग्लो-इंडियन कोटा समाप्त कर दिया गया है)।
- राज्यों से प्रतिनिधि: अधिकतम 530 सदस्य।
- केंद्र शासित प्रदेशों से: अधिकतम 20 सदस्य।
3. निर्वाचन प्रक्रिया
लोक सभा सदस्यों का चुनाव ‘प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों’ (Territorial Constituencies) से होता है। प्रत्येक राज्य को सीटों का आवंटन उसकी जनसंख्या के आधार पर किया जाता है। चुनाव “पहले खंभा छूने वाली पद्धति” (First-Past-The-Post System) पर आधारित होते हैं।
4. योग्यताएँ और कार्यकाल
- योग्यता: भारत का नागरिक हो, आयु कम से कम 25 वर्ष हो और वह किसी लाभ के पद पर न हो।
- कार्यकाल: सामान्यतः 5 वर्ष। हालांकि, राष्ट्रपति इसे समय से पूर्व भंग कर सकते हैं। आपातकाल के दौरान इसे एक बार में 1 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।
5. शक्तियाँ और कार्य
- विधायी शक्तियाँ: कोई भी सामान्य विधेयक लोक सभा में पेश किया जा सकता है। धन विधेयक (Money Bill) केवल लोक सभा में ही पेश होता है।
- वित्तीय नियंत्रण: बजट और देश के खर्चों पर लोक सभा का पूर्ण नियंत्रण होता है।
- कार्यपालिका पर नियंत्रण: मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है। अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) केवल यहीं लाया जा सकता है।
🇮🇳 लोक सभा (अनुच्छेद 81) क्विज 🇮🇳
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