मकर संक्रांति: परीक्षा विशेष
भूगोल, संस्कृति और सामान्य ज्ञान का अनूठा संगम
भारत त्योहारों का देश है, लेकिन मकर संक्रांति उन कुछ त्योहारों में से एक है जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसका गहरा खगोलीय (Astronomical) और भौगोलिक (Geographical) महत्व भी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
1. मकर संक्रांति का अर्थ
मकर: मकर राशि (Capricorn Zodiac Sign)।
संक्रांति: सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना ‘संक्रांति’ कहलाता है।
अतः, जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है, तो इस खगोलीय घटना को मकर संक्रांति कहा जाता है।
2. भौगोलिक महत्व (Geographical Significance)
- उत्तरायण (Uttarayan): मकर संक्रांति के दिन से सूर्य की स्थिति दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर बढ़ने लगती है।
- दिन और रात: उत्तरी गोलार्ध में रातें छोटी और दिन बड़े होने लगते हैं।
- फसल चक्र: यह रबी की फसल (गेहूँ, सरसों) के पकने का उत्सव है।
नोट: खगोलीय रूप से ‘शीतकालीन संक्रांति’ (Winter Solstice) 21-22 दिसंबर को होती है, लेकिन भारतीय पंचांग मकर संक्रांति को ही सूर्य के उत्तरायण का प्रतीक मानता है।
3. विभिन्न राज्यों में नाम (महत्वपूर्ण)
| राज्य / क्षेत्र | त्योहार का नाम | विशेषता |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश / बिहार | खिचड़ी / मकर संक्रांति | गंगा स्नान और खिचड़ी दान |
| तमिलनाडु | पोंगल (Pongal) | सूर्य पूजा, चार दिनी उत्सव |
| असम | माघ बिहू | अलाव जलाना, नृत्य |
| गुजरात / राजस्थान | उत्तरायण | पतंगबाजी (Kite Flying) |
| केरल | मकर विलक्कु | सबरीमाला मंदिर पूजा |