भाग:- 2
मीराबाई द्वारा रचित ‘भोर और बरखा’ पाठ के अभ्यास कार्य का संपूर्ण हल नीचे दिया गया है:-
कविता से
प्रश्न 1: ‘बंसीवारे ललना’, ‘मोरे प्यारे’, ‘लाल जी’, कहते हुए यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और वे कौन-कौन सी बातें कहती हैं?
उत्तर: ‘बंसीवारे ललना’, ‘मोरे प्यारे’ और ‘लाल जी’ कहते हुए माता यशोदा अपने पुत्र श्री कृष्ण को जगाने का प्रयास करती हैं। वे उन्हें जगाने के लिए निम्नलिखित बातें कहती हैं:
- रात बीत गई है और सुबह हो गई है।
- घर-घर के दरवाजे खुल गए हैं।
- गोपियाँ दही मथ रही हैं और उनके कंगन की झंकार सुनाई दे रही है।
- द्वार पर देवता और मनुष्य उनके दर्शनों के लिए खड़े हैं।
- ग्वाल-बाल उनकी जय-जयकार कर रहे हैं।
प्रश्न 2: नीचे दी गई पंक्ति का आशय अपने शब्दों में लिखिए— ‘माखन-रोटी हाथ महँ लीनी, गउवन के रखवारे।’
उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि गायों की रक्षा और पालन करने वाले ग्वाल-बालों ने सुबह होते ही गायों को चराने जाने के लिए अपने हाथों में माखन और रोटी ले ली है। यहाँ ‘गउवन के रखवारे’ श्री कृष्ण और उनके सखा ग्वालों के लिए प्रयुक्त हुआ है।
प्रश्न 3: पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।
उत्तर: ब्रज की सुबह अत्यंत मनमोहक होती है। भोर होते ही सभी घरों के किवाड़ खुल जाते हैं। गोपियाँ दही मथने लगती हैं, जिससे पूरे वातावरण में उनके कंगनों की मधुर झंकार गूँजने लगती है। ग्वाल-बाल गायों को चराने के लिए घर से बाहर निकल आते हैं और उत्साह में जय-जयकार करते हैं। देवता और सज्जन पुरुष भगवान के दर्शन के लिए प्रतीक्षा करते दिखाई देते हैं।
प्रश्न 4: मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा?
उत्तर: मीरा को सावन मनभावन इसलिए लगने लगा क्योंकि सावन के आते ही उन्हें अपने आराध्य श्री कृष्ण (हरि) के आने की आहट या भनक मिल जाती है। सावन की वर्षा उनके मन में कृष्ण के प्रति प्रेम और उमंग भर देती है।
प्रश्न 5: पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: पाठ के आधार पर सावन की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं:
- सावन में बादल चारों दिशाओं (चहुँदिस) से उमड़-घुमड़ कर आते हैं।
- आसमान में बिजली चमकने लगती है और वर्षा की झड़ी लग जाती है।
- नन्हीं-नन्हीं बूँदों के रूप में वर्षा होती है।
- शीतल और सुखद (सुहावनी) हवा चलने लगती है।
कविता से आगे
प्रश्न 1: मीरा भक्तिकाल की प्रसिद्ध कवयित्री थीं। इस काल के दूसरे कवियों के नामों की सूची बनाइए तथा उनकी एक-एक रचना का नाम लिखिए।
उत्तर: भक्तिकाल के अन्य प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ इस प्रकार हैं:
- सूरदास: सूरसागर
- तुलसीदास: रामचरितमानस
- कबीरदास: बीजक
- रसखान: सुजान रसखान
प्रश्न 2: सावन वर्षा ऋतु का महीना है, वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीनों के नाम लिखिए।
उत्तर: वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीने आषाढ़ और भाद्रपद (भादो) हैं।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1: सुबह जगने के समय आपको क्या अच्छा लगता है?
उत्तर: सुबह जगने के समय मुझे पक्षियों का चहचहाना, खिड़की से आती सूरज की पहली किरण और ठंडी ताजी हवा बहुत अच्छी लगती है।
प्रश्न 2: यदि आपको अपने छोटे भाई-बहन को जगाना पड़े, तो कैसे जगाएँगे?
उत्तर: मैं अपने छोटे भाई-बहन के सिर पर प्यार से हाथ फेरकर, उन्हें उनके पसंदीदा खेल या नाश्ते का लालच देकर या धीरे से उनका नाम पुकार कर जगाऊँगा/जगाऊँगी।
प्रश्न 3: वर्षा में भीगना और खेलना आपको कैसा लगता है?
उत्तर: वर्षा में भीगना और खेलना मुझे बहुत आनंददायक और रोमांचक लगता है। बारिश में कागज़ की नाव चलाना और दोस्तों के साथ मस्ती करना बहुत अच्छा लगता है।
प्रश्न 4: मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है—
- (क) गाँव, गली या मुहल्ले में: यहाँ सुबह की शुरुआत मंदिर की घंटियों, पक्षियों के शोर और लोगों की चहल-पहल से होती है।
- (ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर: यहाँ सुबह बहुत शोर-शराबे वाली होती है। चाय वालों की आवाजें, यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों के आने-जाने की घोषणाएँ सुनाई देती हैं।
- (ग) नदी या समुद्र के किनारे: यहाँ की सुबह अत्यंत शांत और सुंदर होती है। पानी की लहरों की आवाज और सूर्योदय का दृश्य मन को शांति देता है।
- (घ) पहाड़ों पर: पहाड़ों की सुबह ठंडी और धुंधभरी होती है। चारों ओर हरियाली और शांति रहती है, मानो प्रकृति अभी सोकर उठी हो।
भाषा की बात
प्रश्न 1: कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया है जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें।
उत्तर: इसके लिए एक शब्द ‘ग्वाला’ है।
प्रश्न 2: नीचे दो पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें से पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द दो बार आए हैं, और दूसरी पंक्ति में भी दो बार। इन्हें पुनरुक्ति (पुनः उक्ति) कहते हैं। पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द विशेषण हैं और दूसरी पंक्ति में संज्ञा।
(उदाहरण के लिए: ‘नन्हीं-नन्हीं’ बूँदन, ‘घर-घर’ खुले किंवारे)
उत्तर:
- नन्हीं-नन्हीं: यह वर्षा की बूँदों की विशेषता बता रहा है, अतः यह पुनरुक्त विशेषण है।
- घर-घर: यह स्थान का बोध करा रहा है, अतः यह पुनरुक्त संज्ञा है।
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