Spread the love
NCERT pH स्केल – संपूर्ण नोट्स

pH स्केल (NCERT Class 10)

1. pH स्केल क्या है?

परिभाषा: किसी विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन [H⁺] की सांद्रता ज्ञात करने के लिए विकसित किया गया एक पैमाना pH स्केल कहलाता है।

  • ‘p’ का अर्थ: जर्मन शब्द पोटेंज़ (Potenz), जिसका अर्थ है ‘शक्ति’।
  • रेंज: इस पर सामान्यतः 0 (अधिक अम्लता) से 14 (अधिक क्षारकीयता) तक मान होते हैं।

डिजिटल pH मीटर (समझने के लिए स्लाइड करें)

pH 7.0 : उदासीन (Neutral)

शुद्ध जल का pH 7 होता है।

2. pH स्केल के मुख्य नियम

  • अम्लीय (Acidic): pH < 7 (7 से 0 की ओर अम्लता बढ़ती है)।
  • उदासीन (Neutral): pH = 7 (न अम्ल, न क्षार)।
  • क्षारकीय (Basic): pH > 7 (7 से 14 की ओर क्षारकीयता बढ़ती है)।

3. दैनिक जीवन में pH का महत्व

पौधे एवं पशु: हमारा शरीर 7.0 से 7.8 pH के बीच काम करता है। जलीय जीव संकीर्ण pH परास में ही जीवित रह पाते हैं।
अम्लीय वर्षा: जब वर्षा जल का pH 5.6 से कम हो। यह जलीय जीवों और स्मारकों के लिए हानिकारक है।
पाचन तंत्र: हमारा उदर HCl उत्पन्न करता है। अपच होने पर ‘एन्टासिड’ (जैसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) का उपयोग अम्ल को उदासीन करने के लिए किया जाता है।
दांतों का क्षय: मुँह का pH 5.5 से कम होने पर दांतों का इनैमल संक्षारित होने लगता है।
कीटों का डंक: मधुमक्खी का डंक अम्ल छोड़ता है। बेकिंग सोडा (दुर्बल क्षारक) लगाने से राहत मिलती है।

4. महत्वपूर्ण पदार्थों के pH मान

पदार्थ pH मान (लगभग) प्रकृति
जठर रस (Gastric Juice)1.2प्रबल अम्ल
नींबू का रस2.2अम्ल
रक्त7.4 हल्का क्षारीय
मिल्क ऑफ मैग्नीशिया10.0क्षारक (Antacid)
सोडियम हाइड्रोक्साइड14.0प्रबल क्षारक

Leave a Reply

व्हाट्सएप चैनल फॉलो करें