प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)
परिभाषा
सजीव कोशिकाओं द्वारा प्रकाशीय ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।
मुख्य घटक
- सूर्य का प्रकाश: ऊर्जा प्रदान करता है।
- क्लोरोफिल: सौर ऊर्जा को ग्रहण करता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड: हवा से ली जाती है।
- जल: खनिज लवणों के साथ जड़ों से प्राप्त होता है।
रासायनिक अभिक्रिया
6CO₂ + 12H₂O + प्रकाश ➔ C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
प्रक्रिया के चरण
1. प्रकाश-रासायनिक अभिक्रिया: यह क्लोरोप्लास्ट के ग्रैना में होती है। यहाँ जल का अपघटन होकर ऑक्सीजन मुक्त होती है।
2. रासायनिक-अप्रकाशिक अभिक्रिया: यह स्ट्रोमा में होती है। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड का स्थिरीकरण होकर ग्लूकोज बनता है।
प्रकाश संश्लेषण। सजीव कोशिकाओं द्वारा प्रकाशीय ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं। इसके चार मुख्य घटक हैं: सूर्य का प्रकाश, क्लोरोफिल, कार्बन डाइऑक्साइड और जल। इसकी रासायनिक अभिक्रिया इस प्रकार है: छह अणु कार्बन डाइऑक्साइड और बारह अणु जल मिलकर, प्रकाश की उपस्थिति में, एक अणु ग्लूकोज, छह अणु ऑक्सीजन और छह अणु जल का निर्माण करते हैं। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है। पहला, प्रकाश-रासायनिक अभिक्रिया जो क्लोरोप्लास्ट के ग्रैना में होती है। दूसरा, रासायनिक-अप्रकाशिक अभिक्रिया जो स्ट्रोमा में होती है और ग्लूकोज का निर्माण करती है।