Spread the love

विद्यार्थियों के लिए सन्देश:-
सन्धि केवल रटने की चीज़ नहीं है, यह ध्वनियों का संगीत है। जब आप “इ” और “आ” को तेजी से बोलेंगे (इ-आ…इ-आ…इया), तो वह अपने आप “य” बन जाएगा। यही यण सन्धि है


सन्धि प्रकरण: परिभाषा, भेद एवं उदाहरण (संस्कृत सूत्रों सहित)
सन्धि की परिभाषा
संस्कृत में सन्धि का मुख्य सूत्र है:

“परः सन्निकर्षः संहिता”

अर्थ: वर्णों की अत्यधिक निकटता को ‘संहिता’ या ‘सन्धि’ कहते हैं। जब दो वर्ण इतने पास आ जाएँ कि उनके मिलने से विकार (परिवर्तन) पैदा हो, तो उसे सन्धि कहा जाता है।
सन्धि के मुख्य भेद

  1. स्वर सन्धि (अच् सन्धि)
    दो स्वरों के मेल से होने वाले परिवर्तन को स्वर सन्धि कहते हैं। इसके प्रमुख प्रकार और सूत्र निम्नलिखित हैं:
    (क) दीर्घ सन्धि
  • सूत्र: अकः सवर्णे दीर्घः
  • नियम: यदि ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ, ऋ के बाद समान स्वर आए, तो दोनों मिलकर दीर्घ (आ, ई, ऊ, ऋ) हो जाते हैं।
  • 4 उदाहरण:
  • दैत्य + अरि = दैत्यारि (अ + अ = आ)
  • कपि + ईश = कपीश (इ + ई = ई)
  • भानु + उदय = भानूदय (उ + उ = ऊ)
  • पितृ + ऋणम् = पितृणम् (ऋ + ऋ = ऋ)
    (ख) गुण सन्धि
  • सूत्र: आद्गुणः
  • नियम: यदि ‘अ’ या ‘आ’ के बाद इ/ई, उ/ऊ या ऋ आए, तो वे क्रमशः ए, ओ और अर् हो जाते हैं।
  • 4 उदाहरण:
  • उप + इन्द्र = उपेन्द्र (अ + इ = ए)
  • महा + ईश = महेश (आ + ई = ए)
  • महा + उत्सव = महोत्सव (आ + उ = ओ)
  • देव + ऋषि = देवर्षि (अ + ऋ = अर्)
    (ग) वृद्धि सन्धि
  • सूत्र: वृद्धिरेचि
  • नियम: यदि ‘अ’ या ‘आ’ के बाद ए/ऐ या ओ/औ आए, तो वे क्रमशः ऐ और औ हो जाते हैं।
  • 4 उदाहरण:
  • एक + एक = एकैक (अ + ए = ऐ)
  • सदा + एव = सदैव (आ + ए = ऐ)
  • महा + ओषधि = महौषधि (आ + ओ = औ)
  • मत + ऐक्य = मतैक्य (अ + ऐ = ऐ)
    (घ) यण सन्धि
  • सूत्र: इको यणचि
  • नियम: इ/ई, उ/ऊ, ऋ के बाद यदि कोई असमान स्वर आए, तो इ का ‘य’, उ का ‘व’ और ऋ का ‘र’ हो जाता है।
  • 4 उदाहरण:
  • यदि + अपि = यद्यपि (इ + अ = य)
  • इति + आदि = इत्यादि (इ + आ = या)
  • अनु + अय = अन्वय (उ + अ = व)
  • पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा (ऋ + आ = रा)
  1. व्यंजन सन्धि (हल् सन्धि)
    व्यंजन के बाद स्वर या व्यंजन आने पर जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन सन्धि कहते हैं।
  • प्रमुख सूत्र (श्चुत्व सन्धि): स्तोः श्चुना श्चुः
  • नियम: स या त-वर्ग के बाद श या च-वर्ग आए, तो स का श और त-वर्ग का च-वर्ग हो जाता है।
  • 4 उदाहरण:
  • सत् + चित् = सच्चित्
  • उत् + चारण = उच्चारण
  • जगत् + नाथ = जगन्नाथ (अुननासिक नियम)
  • तत् + लीन = तल्लीन (तोर्लि सूत्र)
  1. विसर्ग सन्धि
    विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल को विसर्ग सन्धि कहते हैं।
  • प्रमुख सूत्र (सत्व विसर्ग): विसर्जनीयस्य सः
  • नियम: विसर्ग के बाद खर प्रत्याहार (जैसे च, ट, त) आए तो विसर्ग ‘स’ या ‘श’ में बदल जाता है।
  • 4 उदाहरण:
  • निः + चल = निश्चल
  • धनुः + टंकार = धनुष्टंकार
  • मनः + रथ = मनोरथ (उत्व नियम)
  • निः + फल = निष्फल
    विशेष: सन्धि विच्छेद अभ्यास तालिका
    बच्चों को सन्धि विच्छेद सिखाने के लिए इस तालिका का प्रयोग करें:
    | सन्धि पद | विच्छेद (Split) | प्रयुक्त नियम/सूत्र |
    |—|—|—|
    | पावकः | पौ + अकः | अयादि सन्धि (एचोऽयवायावः) |
    | दिगम्बर | दिक् + अम्बर | व्यंजन सन्धि (जश्त्व) |
    | नमस्ते | नमः + ते | विसर्ग सन्धि |
    | रमेश | रमा + ईश | गुण सन्धि (आद्गुणः) |
THE ULTIMATE GUIDE TO SANDHI: TYPES & EXAMPLES 🎒✅
🧠 STOP ROTE LEARNING GRAMMAR, START UNDERSTANDING IT! 🚀

THE ULTIMATE GUIDE TO SANDHI 🎒

Complete Mastery from Primary to High School Level

1. सन्धि की परिभाषा (DEFINITION OF SANDHI)

जब दो वर्णों (Letters) के पास-पास आने से उनके मेल में जो विकार या परिवर्तन होता है, उसे सन्धि कहते हैं।

In English: The joining of two letters or sounds to form a new sound is called Sandhi.

विद्या + आलय = विद्यालय
सत् + आनन्द = सदानन्द

2. सन्धि के भेद (TYPES OF SANDHI) 🌈

सन्धि मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

(A) स्वर सन्धि (VOWEL SANDHI)

जब स्वर वर्ण का मेल स्वर वर्ण से होता है।

सूर्य + अस्त = सूर्यास्त
महा + ईश = महेश
एक + एक = एकैक
सु + आगत = स्वागत

(B) व्यंजन सन्धि (CONSONANT SANDHI)

जब व्यंजन वर्ण का मेल किसी स्वर या व्यंजन से होता है।

वाक् + ईश = वागीश
उत् + ज्वल = उज्ज्वल
तत + लीन = तल्लीन
अहम + कार = अहंकार

(C) विसर्ग सन्धि (VISARGA SANDHI)

विसर्ग (:) के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार।

निः + धन = निर्धन
दुः + कर = दुष्कर
मनः + बल = मनोबल
निः + रस = नीरस

3. सन्धि विच्छेद (SANDHI VICHHED) ✂️

सन्धि द्वारा बने शब्दों को अलग-अलग करना विच्छेद कहलाता है।

परोपकार
पर + उपकार
इत्यादि
इति + आदि
दिग्गज
दिक् + गज
निश्चय
निः + चय
💡 MASTER TIP: स्वर सन्धि में हमेशा मात्राओं (A, E, I, O, U) का मेल होता है, जबकि व्यंजन में अक्षर आधे हो जाते हैं या बदल जाते हैं!

​Hindi Grammar Sandhi, Hindi Vyakaran Sandhi Vichhed, Swar Sandhi rules in Hindi, Sanskrit Sandhi sutra with examples, Types of Sandhi in Hindi, Hindi Grammar for kids, Class 6 to 10 Hindi Grammar, Sandhi Vichhed examples list, Sandhi definition and types, Sandhi Sutra in Sanskrit, Hindi Sandhi trick, Best Hindi Grammar notes, Competitive exam Hindi grammar, primary level Hindi grammar, high school Hindi grammar notes, Sandhi formula in Sanskrit, संधि की परिभाषा और उदाहरण, स्वर संधि के भेद, व्यंजन और विसर्ग संधि, संधि विच्छेद अभ्यास, हिन्दी व्याकरण नोट्स, बोर्ड परीक्षा हिन्दी, प्राथमिक एवं माध्यमिक हिन्दी व्याकरण, संस्कृत व्याकरण संधि सूत्र, संधि विच्छेद के नियम, हिन्दी वर्णमाला और संधि।

#HindiGrammar #HindiVyakaran #Sandhi #SandhiVichhed #SwarSandhi #VyanjanSandhi #VisargaSandhi #SanskritGrammar #SanskritSutra #HindiLanguage #EducationIndia #BoardExams2026 #HindiNotes #LearnHindi #Class10Hindi #HighSchoolHindi #PrimaryEducation #GeneralHindi #UPBoard #CBSEHindi #हिन्दी_व्याकरण #सन्धि #सन्धि_विच्छेद #स्वर_सन्धि #व्यंजन_सन्धि #विसर्ग_सन्धि #संस्कृत_सूत्र #हिन्दी_सीखें #प्रतियोगी_परीक्षा #कक्षा10_हिन्दी

3 thought on “SANDHI KISE KAHTE HAIN IN HINDI: MOST FULL GUIDE”
  1. […] CLASS 4, SUBJECT ENGLISH (SPRING), LESSON 16 “OUR LOVING GRANDPA” — COMPLETE SOLUTION WITH HINDI SUMMARY (BHAVARTH) AS A FULL GUIDE. SYLLABUS- JANUARY CLASS- 4th, SUBJECT- ENGLISH, LESSON- 17th, “LITTLE KITTY”: SYLLABLE- JANUARY, FULL GUIDE IN HINDI MEANING “कक्षा 6 से 8, विषय- हिंदी व्याकरण, “उपसर्ग और प्रत्यय”, अब रटने की जरुरत नहीं: परीक्षा सम्बन्धी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न/ क्विज़” SANDHI KISE KAHTE HAIN IN HINDI: MOST FULL GUIDE […]

Leave a Reply

व्हाट्सएप चैनल फॉलो करें