🐢 ओलिव रिडले कछुआ (Olive Ridley)
ओलिव रिडले समुद्री कछुए दुनिया में पाए जाने वाले सभी समुद्री कछुओं में सबसे छोटे और सबसे अधिक आबादी वाले हैं। इनका नाम इनके जैतून (Olive) जैसे हरे रंग के कवच के कारण पड़ा है।
1. मुख्य विशेषताएं
- आकार: ये कछुए लगभग 60-70 सेमी लंबे होते हैं।
- वजन: इनका औसत वजन 35 से 50 किलोग्राम के बीच होता है।
- भोजन: ये सर्वाहारी होते हैं, जो मुख्य रूप से जेलीफिश, झींगा और केकड़े खाते हैं।
2. अरीबदा (Arribada): सामूहिक प्रजनन
ओलिव रिडले कछुए अपनी अनूठी सामूहिक घोंसले बनाने की प्रक्रिया के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसे ‘अरीबदा’ कहा जाता है। इसमें हजारों मादाएं एक साथ अंडे देने के लिए समुद्र तट पर आती हैं।
ओडिशा का महत्व: भारत में ओडिशा का गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य दुनिया का सबसे बड़ा प्रजनन स्थल माना जाता है। यहाँ हर साल लाखों कछुए आते हैं।
3. सुरक्षा और संरक्षण के उपाय
इन कछुओं को लुप्तप्राय होने से बचाने के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं:
- TED (Turtle Excluder Device): मछली पकड़ने वाले जालों में यह यंत्र लगाया जाता है ताकि फंसे हुए कछुए आसानी से बाहर निकल सकें।
- ऑपरेशन ओलिविया: भारतीय तटरक्षक बल (Coast Guard) हर साल इनकी सुरक्षा के लिए विशेष पेट्रोलिंग करता है।
- कानूनी सुरक्षा: इन्हें भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत उच्चतम सुरक्षा प्राप्त है।
4. प्रमुख खतरे
इतनी सुरक्षा के बावजूद इन्हें कुछ प्रमुख खतरों का सामना करना पड़ता है:
- तटीय क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण।
- मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों के जाल में फंसना।
- तटों पर तेज रोशनी (Light Pollution), जिससे छोटे बच्चे रास्ता भटक जाते हैं।