उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस (जिसे यूपी दिवस भी कहा जाता है) हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब 1950 में देश के सबसे बड़े राज्य को उसका वर्तमान नाम ‘उत्तर प्रदेश’ मिला था।
वर्ष 2026 में, उत्तर प्रदेश अपना 77वां स्थापना दिवस मना रहा है।
📜 इतिहास और महत्व
- नामकरण: 24 जनवरी 1950 से पहले, इस राज्य को ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ (संयुक्त प्रांत) के नाम से जाना जाता था। 1950 में इसी दिन इसे आधिकारिक तौर पर ‘उत्तर प्रदेश’ नाम दिया गया।
- उत्सव की शुरुआत: हालांकि राज्य 1950 में बना, लेकिन ‘यूपी दिवस’ मनाने की परंपरा काफी बाद में शुरू हुई। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2017 में इसकी घोषणा की और पहला आधिकारिक समारोह 2018 में आयोजित किया गया।
- सुझाव: इस दिवस को मनाने का विचार तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने दिया था।
🌟 उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 2026 (UP Diwas 2026)
इस वर्ष के आयोजन बहुत खास हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य थीम | ‘विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश’ |
| अवधि | 24 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक |
| मुख्य स्थान | राष्ट्र प्रेरणा स्थल, लखनऊ (राज्य स्तरीय कार्यक्रम) |
| मुख्य अतिथि | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह |
2026 के मुख्य आकर्षण
- प्रदर्शनी: प्रदेश की विकास यात्रा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक प्रगति को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी।
- एक जिला-एक व्यंजन: ‘ओडीओपी’ (ODOP) की तर्ज पर इस बार ‘एक जिला-एक व्यंजन’ को मुख्य आकर्षण बनाया गया है, जहाँ हर जिले के पारंपरिक स्वाद का प्रदर्शन होगा।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: ‘हमारी संस्कृति, हमारी पहचान’ के संदेश के साथ लोक और शास्त्रीय कलाओं का मंचन।
उत्तर प्रदेश का इतिहास और भूगोल दोनों ही अत्यंत समृद्ध हैं। यह राज्य न केवल भारत की राजनीति का केंद्र रहा है, बल्कि सभ्यता और संस्कृति की जननी भी है।
🌍 उत्तर प्रदेश का भूगोल (Geography)
भौगोलिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत के उत्तर-मध्य भाग में स्थित है। यह क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है।
- सीमाएँ: उत्तर प्रदेश की सीमा 8 राज्यों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार), 1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) और 1 अंतर्राष्ट्रीय सीमा (नेपाल) से मिलती है।
- भू-आकृतिक विभाजन: इसे मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में बांटा गया है:
- भाभर और तराई क्षेत्र: हिमालय के तलहटी वाला दलदली और उपजाऊ क्षेत्र।
- गंगा-यमुना का मैदान: यह दुनिया के सबसे उपजाऊ मैदानों में से एक है, जो नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से बना है।
- दक्षिण का पठारी क्षेत्र: इसे बुंदेलखंड का पठार भी कहते हैं, जो पथरीला और कम वर्षा वाला क्षेत्र है।
- प्रमुख नदियाँ: गंगा, यमुना, सरयू (घाघरा), गोमती, चंबल, सोन और केन।
🏛️ उत्तर प्रदेश का इतिहास (History)
उत्तर प्रदेश का इतिहास मानव सभ्यता के विकास की कहानी है। इसे ‘हिन्दू धर्म का पालना’ और ‘भारतीय इतिहास का हृदय स्थल’ कहा जाता है।
1. प्राचीन काल (Ancient Period)
- सभ्यता का उदय: बेलन घाटी (प्रयागराज) में पुरापाषाण काल के साक्ष्य मिले हैं।
- महाभारत और रामायण: भगवान राम (अयोध्या) और भगवान कृष्ण (मथुरा) की जन्मस्थली यहीं है।
- महाजनपद काल: 16 महाजनपदों में से 8 महाजनपद (जैसे – कुरु, पांचाल, काशी, कोशल) उत्तर प्रदेश में ही स्थित थे।
- बौद्ध और जैन धर्म: महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया और उनका महापरिनिर्वाण कुशीनगर में हुआ।
2. मध्यकाल (Medieval Period)
- इस काल में उत्तर प्रदेश इस्लामी संस्कृति और वास्तुकला का केंद्र बना।
- दिल्ली सल्तनत और मुगल: आगरा और फतेहपुर सीकरी लंबे समय तक भारत की राजधानियाँ रहीं।
- सांस्कृतिक संगम: इसी काल में ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ का विकास हुआ। कबीर, तुलसीदास और सूरदास जैसे महान कवियों ने यहीं अपनी रचनाएँ कीं।
3. आधुनिक काल (Modern Period)
- 1857 का विद्रोह: स्वतंत्रता संग्राम की पहली मशाल मेरठ से जली और झांसी, कानपुर, लखनऊ व इलाहाबाद (प्रयागराज) इसके मुख्य केंद्र रहे।
- स्वतंत्रता आंदोलन: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कई महत्वपूर्ण अधिवेशन यहाँ हुए। चंद्रशेखर आज़ाद और मोतीलाल नेहरू जैसे क्रांतिकारियों की यह कर्मभूमि रही।
- नाम परिवर्तन: 1937 में इसे ‘संयुक्त प्रांत’ (United Provinces) कहा गया, जिसे 24 जनवरी 1950 को बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ कर दिया गया।
📊 एक नज़र में (Quick Facts)
- सर्वोच्च शिखर: अमसोत चोटी (शिवालिक श्रेणी)।
- सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल): लखीमपुर खीरी।
- सबसे छोटा जिला (क्षेत्रफल): हापुड़।
- राजकीय चिन्ह: मछलियाँ और तीर-धनुष।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस विशेष
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