RAS KISE KAHATE HAIN IN HINDI: WITH UDAHRAN

Spread the love​🎭 रस: परिभाषा, अंग एवं प्रकार (संपूर्ण परिचय) ​📖 रस की परिभाषा ​काव्य या साहित्य को पढ़ने, सुनने या देखने से जिस अलौकिक आनंद की प्राप्ति होती है, उसे ‘रस’ कहते हैं। आचार्य विश्वनाथ के अनुसार रस कविता की आत्मा है। ​संस्कृत सूत्र: “रसात्मकं वाक्यं काव्यम्” > अर्थ: रसयुक्त वाक्य ही काव्य है। … Continue reading RAS KISE KAHATE HAIN IN HINDI: WITH UDAHRAN