19 जुलाई: ऐतिहासिक दस्तावेज़
विश्व और भारतीय इतिहास की अधिक से अधिक विस्तृत एवं महत्वपूर्ण घटनाएं
🇮🇳 भारतीय इतिहास की विस्तृत घटनाएं
14 बड़े कमर्शियल बैंकों का राष्ट्रीयकरण
भारत के आर्थिक और बैंकिंग इतिहास में यह सबसे क्रांतिकारी कदम था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एक अध्यादेश जारी कर देश के 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण (Nationalization) कर दिया। इन बैंकों के पास देश की कुल जमा पूंजी का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा था। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम को बड़े उद्योगपतियों के नियंत्रण से मुक्त कराकर किसानों, मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाना था।
महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे का जन्म
1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक मंगल पांडे का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। वह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उन्होंने गाय और सूअर की चर्बी वाले कारतूसों के इस्तेमाल के विरोध में ब्रिटिश अधिकारियों पर हमला कर विद्रोह का बिगुल फूंका था, जिसने आगे चलकर देशव्यापी क्रांति का रूप ले लिया।
प्रतिभा पाटिल ने रचा इतिहास (राष्ट्रपति चुनाव)
आज ही के दिन वोटों की गिनती पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक और लोकतांत्रिक पद को संभाला। यह घटना भारतीय लोकतंत्र में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई।
भारत-पाकिस्तान विभाजन: ‘पार्टीशन काउंसिल’ की अंतिम बैठक
आजादी से ठीक पहले, भारत और पाकिस्तान के बीच संपत्तियों (Assets), देनदारियों (Liabilities) और सेना के हथियारों के बंटवारे के लिए गठित की गई ‘पार्टीशन काउंसिल’ ने वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन की अध्यक्षता में अपनी अंतिम बैठक की। इसमें दोनों देशों के बीच सीमांकन, करेंसी और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों के विभाजन की रूपरेखा को अंतिम मंजूरी दी गई।
उधम सिंह के अवशेष भारत लाए गए
जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने वाले महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह, जिन्होंने लंदन में जाकर माइकल ओ’डायर को गोली मारी थी, उनके अस्थि अवशेषों को आज ही के दिन ब्रिटेन से वापस भारत (पंजाब) लाया गया था। देशवासियों ने उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
🌐 विश्व इतिहास की विस्तृत घटनाएं
रोम की महान आग (Great Fire of Rome)
रोम साम्राज्य की राजधानी में इतिहास की सबसे विनाशकारी आग लगी, जिसने लगातार छह दिनों तक तबाही मचाई। रोम के 14 में से 3 जिले पूरी तरह से जलकर खाक हो गए और 7 गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए। इसी घटना के दौरान रोमन सम्राट नीरो की उदासीनता को लेकर वह प्रसिद्ध कहावत बनी थी कि “जब रोम जल रहा था, तो नीरो बंसी बजा रहा था।” इस आग के बाद ईसाई समुदाय पर बड़े पैमाने पर अत्याचार शुरू हुए।
पेरिस मेट्रो (Paris Métro) की शुरुआत
फ्रांस की राजधानी पेरिस में पहली भूमिगत (Underground) मेट्रो रेल प्रणाली की शुरुआत हुई। लाइन 1 को पेरिस में आयोजित हो रहे समर ओलंपिक्स के दौरान जनता के लिए खोला गया था। इसकी वास्तुकला (Art Nouveau style) इतनी शानदार थी कि इसने दुनिया भर के शहरी सार्वजनिक परिवहन के डिजाइन को प्रभावित किया और यह आज भी दुनिया के सबसे व्यस्त मेट्रो नेटवर्कों में से एक है।
मास्को ओलंपिक खेलों का भव्य आगाज़
22वें ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों (Summer Olympics) की शुरुआत तत्कालीन सोवियत संघ की राजधानी मास्को में हुई। शीत युद्ध (Cold War) के चरम दौर में होने वाले इन खेलों का अमेरिका, पश्चिमी जर्मनी और जापान सहित दुनिया के लगभग 65 देशों ने पूरी तरह से बहिष्कार (Boycott) किया था। यह बहिष्कार दिसंबर 1979 में अफगानिस्तान में सोवियत सेना के सैन्य हस्तक्षेप के विरोध में किया गया था।
हेलसिंकी ओलंपिक की शुरुआत
फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में 15वें ओलंपिक खेलों का उद्घाटन हुआ। इन खेलों का ऐतिहासिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी में सोवियत संघ (USSR) ने पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लिया था। इसी ओलंपिक में भारतीय फील्ड हॉकी टीम ने फाइनल में नीदरलैंड को हराकर लगातार पांचवीं बार स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
द्वितीय विश्व युद्ध: रोम पर मित्र देशों की बमबारी
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, मित्र देशों (Allied Forces) के 500 से अधिक विमानों ने फासीवादी इटली के मुख्य केंद्र रोम पर पहली बार बड़े पैमाने पर बमबारी की। इस हमले में हजारों नागरिक मारे गए थे और इसने इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के पतन और फासीवादी सरकार के अंत की शुरुआत कर दी थी।
रोज़ेटा स्टोन (Rosetta Stone) की खोज
मिस्र (Egypt) के रशीद (Rosetta) शहर में नेपोलियन के सैनिकों को एक अजीबोगरीब काला पत्थर मिला, जिसे ‘रोज़ेटा स्टोन’ कहा गया। इस पत्थर पर तीन अलग-अलग लिपियों में एक ही संदेश लिखा था। इस खोज ने इतिहासकारों को मिस्र की प्राचीन रहस्यमयी चित्रलिपि (Hieroglyphics) को पढ़ने और समझने की चाबी दी, जिससे प्राचीन मिस्र के इतिहास के बंद दरवाजे खुल गए।